रियासी। रैली निकालने से राकने और मिनी सचिवालय का मुख्य प्रवेश द्वारा को बंद करने पर वीरवार को आंगनबाड़ी कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया। सभी ने जमकर बवाल किया और पुलिस, जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कीं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आंगनबाड़ी कर्मचारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
वीरवार की सुबह आगंनबाड़ी कर्मचारी मिनी सचिवालय परिसर में एकत्रित हुईं। सभी ने कस्बे में रोष रैली निकालने की योजना बनाई थी। जैसे ही कर्मचारी सचिवालय के बाहर निकलने को तैयार हुईं कि पुलिस ने गेट को बंद कर दिया। उसके बाद महिला भड़क उठीं, उन्होंने आने-जाने वाले लोगों का रास्ता रोक दिया। कर्मचारियों ने कहा कि वे कई दिन से धरना दे रही हैं। वीरवार को रोष रैली निकालने की सोची थी, लेकिन पुलिस ने उनको रोक कर लोकतंत्र पर हमला किया है। गेट पर रोके जाने के दौरान महिला कर्मचारियों तथा पुलिस के बीच तीखी बहसबाजी भी हुई। हलकी धक्कामुक्की भी हुई। बाद में महिला कर्मचारियों ने पैदल मार्च कर डीसी कार्यालय तक पहुंचीं और दरवाजे के बाहर धरना दिया। मौके पर पहुंचे डीएसपी निखिल गोगना ने कुछ महिला कर्मचारियो को डीसी से बातचीत करने का न्योता दिया। बाद में डीसी प्रसन्ना रामास्वामी ने उन्हें कहा कि वह उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे। बाद में बाहर आई कर्मचारियों ने कहा कि उनका धरना प्रदर्शन रोजाना जारी रहेगा। आने वाले दिनों में सरकार विरोधी विशाल रोष रैली आयोजित की जाएगी।
मंत्री के आवास तक रैली निकालने की थी योजना
रियासी। आंगनबाड़ी कर्मचारियों की रोष रैली को कस्बे से होते हुए वित्त राज्यमंत्री अजय नंदा के निवास स्थान तक ले जाने की योजना थी। वहां घेराव किया जाना था। लेकिन इसकी भनक लगने पर पुलिस ने रैली में शामिल महिलाओं को मिनी सचिवालय के गेट के अंदर ही बंद कर दिया। इससे महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने पुलिस पर भड़ास निकालीं।
नोट खबर फोटो सहित
1. मिनी सचिवालय के मुख्य गेट के अंदर धरना देती आंगनबाड़ी कर्मचारी।
2. नारेबाजी करती हुई कर्मचारी।
3. पुलिस कर्मी के साथ बहस करती एक कर्मचारी।