अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में रविवार शाम आई आंधी से जम्मू संभाग में 150 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए हैं। विभाग ने अस्थायी प्रबंध कर आपूर्ति रविवार सुबह 10 बजे तक बहाल कर दी गई। ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों में आई। ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनकी संख्या 20 के करीब है। इसके अलावा पेड़ गिरने से तार भी टूटे हैं।
तेज हवा चलने से बिजली निगम को डेढ़ से दो करोड़, जबकि बागवानी क्षेत्र में दो करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। इस बार लीची, आम, अमरूद की पैदावार में 50 फीसदी गिरावट की आशंका है, क्योंकि फल गिर गए हैं। इससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
बागवानी विभाग ने नुकसान का आकलन के लिए टीमों को भेजा है। बिजली निगम की ओर से बिजली आपूर्ति की बहाली के लिए शनिवार पांच बजे से ही काम जारी है। नुकसान की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। रविवार की शाम तक मिली जानकारी के अनुसार आंधी के चलते जम्मू संभाग में ही 150 से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं।
बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है। प्रदेश भर में लीची, आम, नाशपाती को भारी नुकसान हुआ है। लीची पक रही है। इसे सबसे अधिक नुकसान हुआ है। बता दें कि जून माह के अंत तक बाजारों में लीची पहुंचने लगती है। आंधी ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
जम्मू जिले में इन जगहों पर जले ट्रांसफार्मर
परगवाल, मीरां साहिब, बिश्नाह, बजालता, विनायक बाजार, नगरोटा, खानपुर, किशनपुर, बगियार, सुजवां, मझीन, उदयवाला, मिश्रीवाला, अखनूर सहित अन्य जगहों पर ट्रांसफार्मर जले हैं।
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ग्रामीण इलाकों में पेयजल किल्लत
बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण इलाकों में पेयजल किल्लत गहरा गई है। अधिकतर ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत रही है। जम्मू शहर के कई इलाकों में रविवार की सुबह पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। ग्रामीण क्षेत्रों बिश्नाह, बंधु रख, नगरोटा, खानपुर में भी पेयजल संकट गहराया है।
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धान की हो सकेगी बीजाई
बारिश से खेतों में नमी हो गई है। अब किसान धान की बीजाई कर सकते हैं। पहले बारिश न होने से खेत सूखे थे। सबसे ज्यादा राहत कंडी इलाके के लोगों को मिली है। यहां पर किसान बारिश पर निर्भर होते हैं। बार्डर इलाकों में भी अभी बीजाई पर काम होना है।
आंधी चलने से नुकसान हुआ है। आकलन किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर और खंभे क्षतिग्रस्त हैं। डेढ़ से दो करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, बिजली निगम
कोट
आंधी से लीची, अमरूद सहित अन्य फलों पैदावार प्रभावित हुई है। फल पौधों से गिर गए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। नुकसान दो करोड़ के आसपास हो सकता है।
- चमन लाल, निदेशक, बागवानी विभाग