घर से थोड़ी दूर पर बकरियां चराने गए किशोर की शुक्रवार को ग्रेनेड विस्फोट से मौत हो गई। जिला प्रशासन ने मृतक के परिवार वालों को एक लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
इस संबंध में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुट गई हैं कि ग्रेनेड वहां आया कैसे।
दरहाल तहसील के थन्नामंग क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब लोगों ने अचानक एक नाले की ओर विस्फोट की आवाज सुनी।
कुछ लोग घटनास्थल पर पहुंचे और वहां करीब 15 वर्षीय एक किशोर को खून से लथपथ देखा। तुरंत उसे क्षेत्र के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया।
बकरियां चराने गया था हुसैन
दरहाल के एसएचओ इरफान वानी के अनुसार, मृत किशोर मंजूर हुसैन निवासी थन्नामंग दरहाल सुबह करीब आठ बजे अपने घर से थोड़ी ही दूरी पर बहने वाले नाले की ओर बकरियां चराने गया था।
वहीं उसे एक ग्रेनेड मिला। वह अंजाने में उसके साथ खेलने लगा। खेल-खेल में ही उसने ग्रेनेड की पिन खींच ली और वह जोरदार धमाके की चपेट में आ गया।
जिससे किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। सरकार अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवारवालों को सौंप दिया गया है। इस संबंध में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुट गई हैं कि ग्रेनेड वहां कैसे आया। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ग्रेनेड पुराना था या किसी ने कोई नया ग्रेनेड वहां रखा था।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच बढ़ी गंभीरता से कर रही है और हर पहलू से जांच की जा रही है।
किशोर ने गरीबी के कारण छोड़ी थी पढ़ाई
दरहाल तहसील के थन्नामंग क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक नाले पर बकरियां चराने गए किशोर की खेलते-खलते मौत के मुंह में चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, मृतक किशोर पढ़ाई-लिखाई में काफी अच्छा था, लेकिन घर की गरीबी के कारण वह अपनी पढ़ाई को नौवीं कक्षा के आगे नहीं ले जा पाया।
मृतक मंजूर हुसैन के पिता शमस दीन ने अपने बेटे की मौत पर बताया कि उन्हें शव को अपनी आंखों से देख कर भी यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा मर चुका है।
मां तो बार-बार बेहोश हो जा रही है। मृतक के एक और भाई और दो बहनें सदमे में हैं। पिता को नहीं मालूम था कि उन्हें खुद ही उसे आखिरी बार कंधा देना पड़ेगा।
परिवार में गरीबी के चलते मृतक ने नौवीं कक्षा पास करते ही पढ़ाई छोड़ दी थी। पिछले एक वर्ष से वह बकरियां चरा कर या कभी-कभी मजदूरी कर अपने पिता का हाथ बंटाता था।
क्षेत्र के सरपंच अबिद मलिक ने बताया कि ग्रेनेड विस्फोट में किशोर की दर्दनाक मौत से पूरा क्षेत्र सदमे में है। हर कोई इस दुख की घड़ी में परिवार को सहारा देने उनके घर पहुंच रहा है।
दरहाल थन्नामंग रहा है आतंकवादियों का केंद्र
पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करने के मकसद से जिला प्रशासन ने परिवार को एक लाख 25 हजार रुपये देने की घोषण की है। इस संबंध में राजोरी के डीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक दो दिनों में ही परिवार को सहायता का चेक मिल जाएगा।
दरहाल तहसील का थन्नामंग क्षेत्र जिले में आतंकवादियों का केंद्र रहा है। जब जिले में वर्ष 1995 से लेकर 2010 तक आतंकवाद अपने चरम पर था तो जिले में सबसे अधिक घटनाएं और आतंकवादियों द्वारा खून खराबे की वारदातें दरहाल से ही आती थीं।
थन्न्रामंग क्षेत्र में कई खूंखार आतंकवादियों को सेना और पुलिस ने मौत के घाट भी उतारा है। यदि ग्रेनेड पुराना है तो जरूर यह आतंकवादियों के समय से ही वहां कहीं पड़े होने की बात कही जा रही है।