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तय फीस से अधिक धनराशि ली तो होगी कार्रवाई

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आरएस पुरा। म्यूनिसिपल कमेटी के चेयरमैन सतपाल पप्पी की अध्यक्षता में शनिवार को एक बैठक हुई। इसमें पीने के पानी, साफ- सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के साथ निजी स्कूलों में बच्चों के री-एडमिशन के बारे में चर्चा की गई। चेयरमैन सतपाल पप्पी ने कहा कि वार्ड के सभी पार्षदों को भी इसकी प्रतियां मुहैया कराई गई है अगर किसी स्कूल में तय की गई फीस से अधिक धनराशि ली जाती है तो सरकारी आदेश की अवमानना करने पर कानून के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
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चेयरमैन ने कहा कि गर्मी में लोगों को पीने का स्वच्छ पानी मुहैया कराए जाने के लिए पीएचई विभाग के ट्यूबवेलों से सुचारु रूप से आपूर्ति की जाएगी। इसी प्रकार कस्बे के बाजार व अन्य वार्डों में सफाई व्यवस्था को सुचारु रूप से कराए जाने के लिए प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों से यह शिकायतें मिल रही हैं कि निजी स्कूल री-एडमीशन के नाम पर एक प्रकार से वसूली कर रहे हैं। सरकारी आदेश पर एमसी के अधीन स्कूलों को 28 जनवरी 2019 के आधार पर फीस लेने के जारी आर्डर की प्रतियां स्कूलों को भेजी जाएगी और स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वह आदेश का पालन करे। इसकी प्रति एसडीएम व जोनल शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है। चेयरमैन सतपाल पप्पी ने कहा कि वार्ड के सभी पार्षदों को भी इसकी प्रतियां मुहैया कराई गई है अगर किसी स्कूल में तय की गई फीस से अधिक धनराशि ली जाती है तो सरकारी आदेश की अवमानना करने पर कानून के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप चेयरमैन राकेश गुप्ता, ईओ कैलाश चौधरी सहित पार्षद भी मौजूद थे।
निजी स्कूल की लूट से अभिभाव परेशान
फीस सार्वजनिक कराने की उठाई मांग
सांबा। जिले के निजी स्कूलों की लूट से अभिभावक काफी परेशान हैं। नए सत्र के शुरू होते ही दाखिले के नाम पर कई प्रकार की फीस विद्यार्थियों से ली जा रही है। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है की निजी स्कूलों की फीसें सार्वजनिक करने के निर्देश जारी किए जाएं।
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महिला रानो देवी, शीतल, रजनी, अनु, रीटा आदि ने बताया कि निजी स्कूल प्रबंधन की ओर से दाखिले के नाम पर भारी लूट मचाई हुई है। स्कूल प्रबंधन बिल्डिंग मेंटीनेंस, कंप्यूटर, स्मार्ट कक्षाएं आदि की फीसें ले रहा है। यही नहीं छुट्टियों में भी कंप्यूटर व अन्य फीस ली जाती है। प्रत्येक माह 50 रुपये कंप्यूटर और स्मार्ट कक्षा के 150 रुपये अलग से वसूले जा रहे हैं। क ई स्कूल तो मेंटीनेंस के नाम पर वर्ष में 20 हजार से भी अधिक फीस ले रहे हैं। जो हाईकोर्ट के निर्देश की भी अवहेलना कर रहे हैं। उनके अनुसार की जिला प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद भी उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। ब्यूरो

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शिक्षा विभाग के खिलाफ शिवसेना का प्रदर्शन
री-एडमिशन के नाम पर वसूली किए जाने का किया विरोध
बिश्नाह। री-एडमिशन के नाम पर निजी स्कूलों के अभिभावकों से वसूली जा रही भारी भरकम फीस पर शिवसेना हिंदुस्तान के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। उन्होंने इसे लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही मांग की कि शिक्षा विभाग इस पर तत्काल रोक लगाए।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे प्रदेश सेक्रेटरी गणेश चौधरी ने कहा कि री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है। मगर अभी प्रशासन ने इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि निजी स्कूलों की इस लूट खसोट में शिक्षा विभाग व प्रशासन भी शामिल है। गणेश चौधरी ने राज्यपाल से मांग करते हुए कहा कि एक टीम का गठन कर निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ब्यूरो
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