जम्मू। दुनिया भर में सड़क मार्ग के बजाए हवाई मार्ग से यात्रा को लग्जरी व अमीरों की यात्रा माना जाता हैं। लेकिन अपने देश में ही रियासत जम्मू कश्मीर के लद्दाख खित्ते में ऐसा कुछ नहीं है। यहां पर हवाई यात्रा लग्जरी नहीं बल्कि लोगों की मजबूरी बन चुकी है। लद्दाख के दो जिलों कारगिल और लेह में पहुंचने का हवाई मार्ग ही एक मात्र सहारा रह गया है।
यहां की करीब दो लाख की आबादी के लिए जम्मू पहुंचना हो या कश्मीर या फिर देश की राजधानी दिल्ली यहां अन्य जगहों पर। केवल हवाई मार्ग से ही पहुंचा जा सकता है। ऐसे में मरीजों, विद्यार्थियों से लेकर आम लोगों के लिए हवाई सेवा लग्जरी नहीं, बल्कि मजबूरी बन गई है। जरूरत के समय हवाई सेवा से पहुंचने के लिए लोग पूरे साल की कमाई खर्च करने को मजबूर है।
लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह के मुख्य कार्यकारी काउंसलर जमेयांग सेरिंग नामगेयाल के अनुसार कश्मीर से लेह पहुंचने का राष्ट्रीय राजमार्ग हो या फिर नेशनल हाइवे तीन जिसे लेह मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम से जाना जाता हैं बर्फबारी के चलते बंद हो गए हैं और अब इन मार्गों के अगले साल मार्च अप्रैल 2019 में ही खुलने के आसार है। ऐसे में यह पूरा खित्ता देश दुनिया से सड़क मार्ग से कट गया हैं और लोग केवल हवाई सेवा पर ही निर्भर है।
लद्दाख क्षेत्र में कोई विश्वविद्यालय न होने से यहां के विद्यार्थी उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कश्मीर, जम्मू से लेकर देश के विभिन्न इलाकों में पढ़ाई करने जाते हैं। ऐसे में घर वापिस आना हो तो केवल हवाई सेवा से ही आ सकते है। मरीजों को भी लद्दाख से बाहर पहुंचाने के लिए हवाई सेवा पर ही निर्भरता है। व्यापार से लेकर अन्य स्थानीय लोगों से लेकर पर्यटक तक भी हवाई मार्ग से ही लद्दाख पहुंच सकते है।
हवाई किराये में सब्सिडी की मांग
लेह और कारगिल जिलों के लोगों की मांग हवाई किराये में सब्सिडी की है। लेह के मुख्य कार्यकारी काउंसलर जमेयांग सेरिंग नामगेयाल का कहना है कि जम्मू से लेह हो या फिर दिल्ली से लेह या अन्य इलाकों से लद्दाख पहुंचने के लिए हवाई सेवा का किराया एक यात्री के लिए 20 हजार से ऊपर ही रहता हैं और ज्यादा मांग होने पर पचास हजार रुपये तक किराया हो जाता है। ऐसे में मरीज और विद्यार्थी कैसे यात्रा करें। इस बाबत वह केंद्र सरकार के संज्ञान में मामला केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के माध्यम से ला चुके है और स्थानीय लोगों को हवाई यात्रा किराये में सब्सिडी देने की मांग उठाई है।