श्रीनगर। कठुआ में आठ वर्ष की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में आए दिन हो रहे घटनाक्रम को लेकर सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथ लिया है। बच्ची के मामले में इंसाफ के लिए मंगलवार को कश्मीर में दिन भर जगह जगह प्रदर्शन हुए। कश्मीर बार एसोसिएशन, सिविल सोसायटी, ट्रेडर्स, विपक्षी दल एक मंच पर आ गए हैं। नेकां ने इस मामले को कठुआ कोर्ट से शिफ्ट करने की मांग की है। सीपीआई (एम) के प्रदेश सचिव गुलाम नबी मलिक ने कहा कि बच्ची की मौत के मामले राजनीति स्वार्थ साधा जा रहा है। यह घटना मानवता के लिए शर्मनाक है।
नेशनल कान्फ्रेंस ने महासचिव अली मोहम्मद सागर ने श्रीनगर नवा-ए-सुबह स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि ऐसा पहली बार देखा गया कि किसी घिनौना और गंभीर अपराध करने वाले के समर्थन में वकील खड़े हो गए हैं। क्राइम ब्रांच को कोर्ट में चालान पेश करने से रोका गया। यह राजनीति आधारिक एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया है। रियासत को मजहब के नाम पर बांटने की कोशिश की जा रही है, जिसे जम्मू बार, सिविल सोसायटी और अन्य कई संगठनों का समर्थन हासिल है। उन्होंने जम्मूवासियों से ऐसी साजिशों से बचने को कहा। कश्मीर में वकीलों ने गत दिवस श्रीनगर हाई कोर्ट के सामने प्रदर्शन कर घटना की निंदा की थी। वकील बाबर कादरी ने कहा कि यह सब राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। कश्मीर में ट्रेडर्स फेडरेशन, सिविल सोसायटी आदि ने प्रदर्शन किए। कश्मीर इक्नामिक एलायंस के अध्यक्ष यासीन खान ने जम्मू बंद को समर्थन न करने के लिए चैंबर्स आफ कामर्स जम्मू के फैसले का स्वागत किया।
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उमर ने जेकेपी की कार्रवाई को सराहा
जम्मू। नेकां के कार्यकारी प्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कठुआ में बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले में कोर्ट में क्राइम ब्रांच को चालान पेश करने से रोकने पर वकीलों पर एफआईआर लगाने के जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने ट्विट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अच्छे वकील, जो न्यायपालिका का सम्मान नहीं करते हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर द्वारा मामले की निंदा करने की प्रशंसा की।
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मीर ने वकीलों के व्यवहार पर हैरानगी जताई
जम्मू। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर ने कठुआ में कोर्ट में आठ वर्षीय बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले में चालान पेश करने से रोकने पर वकीलों के व्यवहार पर हैरानगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह घटना राजनीति से आधारित लगती है। न्यायपालिका में सबको इंसाफ के लिए अपनी बात रखने का हक है। कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए। बच्ची के मामले में इंसाफ मिलना चाहिए।