कठुआ। देश और दुनिया के लिए अटल सेतु भले ही इंजीनियरिंग की नायाब मिसाल होए लेकिन महानपुर की ईशा अंदोत्रा के लिए अटल सेतु जिंदगी का एक अहम पड़ाव साबित हुआ है।
एक साल पूर्व महानपुर के माड़ा पट्टी गांव की ईशा अंदोत्रा अपने कॉलेज के साथियों के साथ एक्सपोजर टूर पर बसोहली के अटल सेतु पहुंची थीं और यहीं से उन्हें परवाज मिली। किसी दोस्त ने ईशा द्वारा वहां गाया गया गाना फेसबुक पर अपलोड कर दियाए जिसके बाद करोड़ों लोगों ने ईशा के गाने को पसंद किया और लाखों बार शेयर भी किया गया। ऐसा तब जब ईशा का अपना सोशल नेटवर्किंग अकाउंट तक नहीं था।
ईशा की गायकी के कायल न सिर्फ जम्मू कश्मीर और भारत के विभिन्न राज्यों से लोग सामने आएए बल्कि पड़ोसी देश से भी लोगों ने सोशल नेटवर्किंग पर ईशा की आवाज की जमकर तारीफ की। ईशा ने अटल सेतु पर अपने दोस्तों के लिए पंजाबी गायक अर्श बेनीपाल का गाना करदा एं गुस्सा मेरी निक्की निक्की गल दा गाकर खूब वाह वाही लूटीए जिसके बाद खुद अर्श बेनीपाल ने भी खुलकर सामने आकर ईशा की आवाज की तारीफ की थी। इसके बाद से ही ईशा को लगातार गायकी के लिए आफर मिलने शुरू हो गए थे। अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देने के बाद ईशा अब अपने पहले पंजाबी गाने के साथ गायकी के करियर में उतरने जा रही हैं। आज ईशा का पहला गाना वेटिंग यू ट्यूब पर दुनियाभर में लांच किया जाएगा। नागरा प्रोडक्शंस के बैनर तले आ रहे पहले गाने को लेकर ईशा काफी उत्साहित हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में ईशा ने बताया कि यह उनकी जिंदगी का अहम पड़ाव है। एक साल में काफी कुछ सीखने को मिला है। लाखों करोड़ों लोगों ने उनकी आवाज को पसंद किया है जिससे साफ है कि यदि आपके पास कला है तो आप कहीं से भी हों यह फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सभी दोस्त उनके गाने को पसंद करेंगे और इसी तरह आगे भी हौसला बढ़ाते रहेंगे।
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महानपुर के एक छोटे से गांव माडा पट्टी में एक साधारण से परिवार की ईशा ने कभी सोचा भी नहीं था कि वो गांव में रहकर कभी अपने सपनों को पूरा होता देख पाएंगी। ईशा और उसकी बहन मनीषा अक्सर स्कूलए कॉलेज और गांव में किसी समारोह में अपनी इच्छा अनुसार गाती रहींए लेकिन प्रतिभा को तराशने का कभी मौका नहीं मिला। सोशल नेटवर्किंग पर धमाल मचाने के बाद जहां उसके गायकी के कई आफर मिले वहीं काफी कुछ सीखने को भी मिला।