छात्रा किश्तवाड़ के छात्रू इलाके की रहने वाली थी। गर्भावस्था से संबंधित उपचार के लिए उसे किश्तवाड़ से डोडा रेफर किया गया था, लेकिन डोडा ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नाबालिग की गर्भावस्था किन परिस्थितियों में हुई, उसकी मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।
पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग की पहचान गोपनीय रखी गई है।