सांबा। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर शनिवार से हड़ताल पर हैं। इसके चलते कस्बे में गंदगी का आलम है। गलियां नालियां गंदगी से भर गई हैं। बाजारों में भी जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। सफाई कर्मचारी मांगें पूरी होने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं। जबकि आम लोगों को गंदगी की दुर्गंध ने परेशान कर दिया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में स्थानीय लोग कूड़ा करकट एकत्रित कर आग लगा रहे हैं। ताकि कूड़ा अधिक न फैले।
गलियों में दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। नगर पालिका के अधिकतर पार्षदों ने भी सरकार से मांग उठाई है कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों पर गौर किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को गंदगी से राहत दिलाई जा सके। कस्बे में विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक दल के नेताओं ने सफाई कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया है व राज्य सरकार से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान किया जाए ताकि कस्बा वासियों को गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।
सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते लगे गंदगी के ढेर
आरएस पुरा। सफाई कर्मियों की काम छोड़ हड़ताल के चलते कस्बे के बाजार व अन्य वार्डों में लगे कूडे़ के ढेर के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम एसोसिएशन के महासचिव चौधरी चमेल सिंह ने कहा कि जिस प्रकार के हालात हैं उससे नहीं लगता कि प्रशासन सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते कोई समाधान करा पाऐ। एक ओर सफाई कर्मी मांगो को लेकर हड़ताल पर हैं तो दूसरी और म्यूनिसिपल कमेटी भी कस्बे में सफाई कराने के लिए गंभीर नहीं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक को चाहिए कि सफाई कर्मी यूनियन से बातचीत कर समाधान निकालें।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रधान थामस गिल का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक वह हड़ताल जारी रखेंगे। वर्षों से सफाईकर्मी सेवाएं दे रहे हैं अब एसआरओ 520 थोपा गया, जिसे वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए लेकिन हड़ताल के चलते यूनियन के लोगों से पूछा तक नहीं जा रहा।
अखनूर फोटो
सफाई कर्मियों के प्रदर्शन में पार्षद भी हुए शामिल
अखनूर। कस्बे के म्यूनिसिपल कमेटी परिसर में सफाई कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। इस पर पार्षद राकेश मल्होत्रा भी प्रदर्शन में शामिल हुए और उनकी मांगों का समर्थन किया। शुक्रवार को सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान कोडा कुमार की अगुवाई मेंप्रदर्शन किया गया। कोडा कुमार ने कहा कि सरकार ने सात वर्ष की बजाय दस वर्ष तक समय स्थायी करने का प्रावधान कर दिया है। जो गलत है यह आदेश वापस लिया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्षद राकेेश मल्होत्रा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की जायजा मांगों को लेकर गवर्नर को कोई कदम उठना चाहिए ताकि लोगों को आ रही समस्याओं का समाधान हो सके। ब्यूरो
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बाजार और गलियों में लगे गंदगी के ढेर
ज्यौड़ियां। खौड़ और ज्यौड़ियां म्यूनिसिपल कमेटी के सफाई कर्मचारी छह दिन से हड़ताल पर हैं। इसके चलते मुख्य बाजार और मोहल्लों की गलियों में गंदगी के ढेर लग गए हैं। गंदगी के ढेरों से उठ रही बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ज्यौड़ियां निवासी तथा पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब जयौड़ियां के प्रधान अमृत भूषण बाबा भारतीनंद, अशोक कुमार शर्मा, रंजीत सिंह ने कहा कि सरकार हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों के मसले को जल्द हल करे। गलियों और बाजारों में फैली गंदगी से बीमारी फैलने का डर बना है। खौड़ म्यूनिसिपल कमेटी के वार्डों की गलियों और मुख्य बाजार में भी गंदगी भर गई है। वार्ड छह निवासी अश्वनी कुमार, वार्ड चार निवासी जमीत सिंह आदि ने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों के मसलों को जल्द हल करना चाहिए। चेयरमैन डिप्टी राम ने बताया कि हमने सबांधित विभाग के डायरेक्टर को लिखित में अवगत कराया है किसफाई नहीं होने से कमेटी के सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। ब्यूरो
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सफाई कर्मियों ने निकाली रैली
मांगों के लिए सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरा
बाड़ी ब्राह्मणा। सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को अखिल भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले रैली निकाली गई। इसमें बिश्नाह के साथ-साथ विजय पुर के सफाई कर्मी भी शामिल रहे। रैली बाड़ी ब्राह्मणा के सिडको चौक से होते हुए निकली। इस मौके पर सभी ने मांगों के लिए नारेबाजी की।
सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते बाड़ी ब्राह्मणा में गंदगी से लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर पूर्व चेयरमैन पुष्पराज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश बड़यल ने नगर पालिका के चीफ एग्जीक्यूूटिव ऑफिसर से इस बार में बात की और सफाई कर्मचारियों के मसले को जल्द खत्म करने को कहा।
पूर्व चेयरमैन पुष्पराज का कहना था कि बाड़ी ब्राह्मणा की आबादी बढ़ती जा रही है और सफाई कर्मचारियों का काम भी बढ़ गया है। इसलिए सफाई कर्मचारी का हक उन्हें मिलना चाहिए।
रमेश बड़यल ने कहा कि सफाई कर्मचारी कई साल से अपनी मांगें सरकार के आगे रखते आए हैं लेकिन किसी ने भी उनकी मांगे पूरी नहीं की बस आश्वासन दे दिया कि पूरी करेेंगे। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जो इतनी गंदगी में रहने को मजबूर हैं।
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सफाई कर्मचारियों से लोकल बाडी के डायरेक्टर से कई बार की मीटिंग हो चुकी है और कुछ बातों पर सहमति हुई है जिससे लगता है सफाई कर्मचारी जल्द ही काम पर आ जाएंगे।
केके चलोत्रा, चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर, नगर पालिका, बाड़ी ब्राह्मणा
फोटो सहित बिश्नाह कस्बे में लगे गंदगी के ढेर।
कस्बे की सफाई व्यवस्था चरमराई
बिश्नाह। म्यूनिसिपल कमेटी के सफाई कर्मचारी बकाया वेतन व अन्य मांगों को लेकर शनिवार से हड़ताल पर हैं। इसके चलते कस्बे में गंदगी का साम्राज्य हो चुका है। हड़ताल के चलते मुख्य बाजार में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। इसके चलते नगर वासियों राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मुख्य बाजार में फैली गंदगी के चलते दुकानदारों को व्यापार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लेकर उन्हें दुकानों के आगे लगे गंदगी की ढेरों को खुद ही उठाना पड़ रहा है। नगर वासी प्रशासनिक अधिकारियों से अपील कर रहे हैं लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कस्बे की साफ सफाई कराई जाए। म्यूनिसिपल कमेटी के ईओ रवि कुमार ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत हो रही है ताकि समस्या का जल्द हल निकल सके। ब्यूरो