बिश्नाह। बिश्नाह अस्पताल में उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक कुत्ते ने ताबड़तोड़ एक के बाद एक नौ लोगों को काट लिया। बाद में गुस्साये लोगों ने कुत्ते को मार डाला। लेकिन मृत कुत्ते को उठाने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा मना करने व अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन नहीं होने पर लोगों ने रोष जताया।
जानकारी के अनुसार वीरवार को बिश्नाह अस्पताल में दोपहर को एक कुत्ता घुस आया और वहां पर मौजूद मरीजों व तीमारदारों पर को काटने लगा। इससे अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। इससे पहले कुत्ते ने दो घोड़ों को काटा था। कुछ युवकों ने उसे भगाने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ते ने जो भी सामने आया उसे काट लिया। इसके बाद वह ओपीडी ब्लॉक में घुसा, जहां लोगों ने उसे घेर कर मार दिया।
यह लोग बने शिकार
कुत्ते ने सबसे पहले ब्लॉक डिवलपमेंट आफिसर कार्यालय से बाहर निकल रहे सरदारी लाल नामक व्यक्ति को काटा। इसके बाद दो घोड़ों को निशाना बनाया और बाद में अस्पताल में घुस गया। वहां पर निकिता निवासी बिश्नाह, रामलाल निवासी चकवाना, सरिता देवी निवासी लश्वाड़ा, अंशु व शौरभ सहित करीब नौ लोगों को काटा।
रेबीज का इंजेक्शन नहीं मिलने पर रोष
उपजिला अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था, जिस कारण लोगों को बाहर से महंगे दाम पर खरीदना पड़ा। इस स्थिति से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया।
अस्पताल में सुरक्षा का प्रबंध नहीं
उपजिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा रामभरोसे है। जिस तहर एक कुत्ते ने करीब नौ लोगों को काटा उससे प्रशासन की व्यवस्था संदेह के घेरे में है। अस्पताल में सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। इसके अलावा कोई चौकीदार भी नहीं है।
रेबीज का इंजेक्शन अस्पताल में नहीं है। आला अधिकारियों से इसकी मांग की है। इसे जल्द ही अस्पताल में मुहैया करवाया जाएगा।
डाक्टर बलकार चौधरी, बीएमओ