आरएस पुरा/मीरां साहिब/अरनियां/रामगढ़/बिश्नाह। गेहूं की फसल में आग लगने की घटना महामारी की बढ़ती जा रही है। कई सीमावर्ती इलाकों में मंगलवार को फिर सैकड़ों कनाल गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। आरएस पुरा, मीरां साहिब, अरनियां, ज्यौड़ियां, सांबा, रामगढ़ आदि क्षेत्रों में फसलें खाक में मिल गई। केवल आरएस पुरा इलाके में ही 181 कनाल और रामगढ़ में करीब 300 कनाल और बिश्नाह में 250 कनाल में लगी फसल तबाह हुई।
आरएस पुरा के गांव बडियाल ब्राह्मणा बडिला, मरालिया आदि में फसल आग की चपेट में आई। गांव बडियाल ब्राह्मणा बडिला में पंजाब सिंह की 24 कनाल, सुरेन्द्र सिंह की 3 कनाल, मुलख राज की 4 कनाल, बूटी राम की 5 कनाल, खजान सिंह की 5 कनाल, र्स्वण सिंह की 10 कनाल, बलदेव सिंह की 32 कनाल, सुरजीत सिंह की 10 कनाल, निहाल चंद की 20 कनाल, नारायण दास की 10 कनाल, जगजीत सिंह की 8 कनाल, यशपाल की 9 कनाल और जोगिन्द्र सिंह की 6 कनाल गेहूं की फसल जली। जबकि मीरां साहिब क्षेत्र के गांव मरालिया में किसान सतपाल की 8, अजय रामपाल की 32 कनाल, एसके कोतवाल की 4 कनाल और हरमेश चंद्र की कनाल गेहूं जली।
बिश्नाह के पटेयारी, सुलतान पुर व चक्क मुरार गांव में 250 कनाल में लगी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। इस घटना में किसान बंसी लाल, सुभाष चंद्र, देव राज और राम लाल सहित तीनों गांवों के करीब दस किसानों की कुल 250 कनाल फसल तबाह हुई है।
अरनियां के गांव कादिरपुर में मंगलवार दोहपर करीब सवा बारह बजे शार्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसमें सुखविंदर सिंह और रवींद्र सिंह की 10 कनाल गेहूं फसल में जलकर राख हो गई। दमकल विभाग की टीम और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से और फसलों को बचाया गया। बताया जाता है कि कादिरपुर गांव में खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली की एलटी तारों से निकली चिंगारी से आग भड़की।
ट्रांसफार्मर के शार्ट सर्किट से तरोटी में लगी आग
तुरंत फायर बिग्रेड का इंतजाम नहीं हुआ तो होगा उग्र प्रदर्शन
ज्यौड़ियां। खौड़ उपजिले की पंचायत तरोटी में मगंलवार की शाम को खेत में लगे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारियों ने फसल को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पल में गेहूं की फसल धू-धूकर जलने लगी। किसानों ने खेतों पर पहुंच कर आग पर काफी मुश्किल से काबू पाया। तब तक सुभाष सिंह निवासी गांव दनवाल की एक एकड़ खड़ी फसल जलकर राख हो गई।
पंचायत तरोटी के सरपंच बचन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में चार-पांच दिनों में आग के कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी तक फायर ब्रिगेड का कोई भी इंतजाम नहीं किया है। अब जल्द दमकल का इंतजाम नहीं किया गया तो सड़कों पर उतरने को उग्र प्रदर्शन को मजबूर हो जाएंगे। किसान सुरेंद्र सिंह, दर्शन सिंह, विजय सिंह आदि ने बताया कि प्रशासन को पता है कि आग की हर साल घटनाएं होती हैं तो फायर ब्रिगेड का इंतजाम पहले क्यों नहीं करता?
आग की घटनाओं से किसान चिंतित
सांबा। पूरे सांबा जिले में आग ने खेतों में तांडव मचा रखा है। किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। अब तक इलाके में न तो कंबाइन मशीन पहुंची है और न ही श्रमिक। इसके कारण परेशानी और भी बढ़ी हुई है।
किसान कर्ण सिंह, यश पाल, राम दियाल, सतपाल, कृष्ण लाल आदि ने बताया कि बिजली के शार्ट सर्किट के कारण गेहूं की फसल जलने से वे भयभीत हैं। किसानों की फसल तैयार है, लेकिन कटाई नहीं होने के कारण वह खेतों में ही खड़ी है। तेज हवा के कारण शार्ट सर्किट से आग लग रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि शार्ट सर्किट को रोकने की तुरंत पहल करें। गौरतलब है की जिले में ही 700 सौ कनाल से ज्यादा फसल अब तक जल चुकी है। ब्यूरो
सदोह और कंगवाला में भी हुई घटना
सांबा। शार्ट सर्किट से मंगलवार को सांबा जिले के सदोह और कंगवाला में कुल 28 कनाल गेहूं जल कर राख हो गई। दोपहर और शाम को हुए इस हादसे में सहोद की किसान कांता देवी की 12 कनाल, पूखु राम की 3 कनाल, रानो देवी की 4 कनाल, पुष्पा देवी की 4 कनाल, बुई लाल की 3 कनाल और कंगवाला के किसान नंद लाल की 3 कनाल, भगवान दास की 3 कनाल, बहादुर राम की 3 कनाल, धनपत राज की 03 और कुलदीप राज की 3 कनाल फसल जल गई।