आरएस पुरा। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित गांव रायपुुर सजदा के साथ जीरो लाइन के पास नौ गज पीरबाबा की मजार पर वीरवार को वार्षिक मेले का आयोजन हुुआ। मेला सीमा सुरक्षा बल की 127 वीं वाहिनी के सहयोग से हुआ। सुबह मजार पर वाहिनी के सहायक कमांडेंट प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने चादर चढ़ाई और देश में अमन व शांति बनाए रखने की दुआ मांगी।
जीरो लाइन के पास की गई तारबंदी के आगे पाकिस्तान क्षेत्र में भी कई लोग बाबा की मजार पर लगे मेले को दूर से देखने के साथ माथा टेकते हुए नजर आए। सीमा सुरक्षा बलों की तरफ से बाबा की मजार पर बने प्रसाद को पाकिस्तानी रेंजर्स ने लेने के मना कर दिया और इस बार बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने के लिए भी नहीं भेजी। वहीं बाबा की मजार पर क्षेत्र के हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर चादर चढ़ाऐ जाने के साथ माथा टेका व दुआएं मांगी। इस दौरान बाबा की मजार पर पहुंचे युवा मस्ती में झूमते दिखे।
गौरतलब है कि वर्ष 2003 में दोनों देश के मध्य संघर्ष-विराम होने पर हर वर्ष गांव रायपुर के ग्रामीणों की गठित कमेटी की ओर से मेले का आयोजन किया जाता है। गांव के बाबू सिंह, शाम लाल शर्मा ने बताया कि आजादी के पूर्व यहां पर पाकिस्तान के साथ सटे गांव चूंबिया, चपराड, चूहे चक्क, सियालकोट आदि से लोग हर वर्ष मेले का आयोजन करते थे लेकिन उक्त स्थान भारतीय क्षेत्र में आ जाने पर पाकिस्तान के लोग यहां नही आ पाते थे। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से मांगी मुराद बाबा पूरी करते हैं, जिसके चलते लोगों में बाबा के प्रति असीम आस्था है।
सीमावर्ती ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि जिस प्रकार रामगढ़ में चमलयाल में बाबा की मजार है उसी प्रकार इस स्थान को पर्यटक स्थल के तौर पर उभारा जाए। वहीं पाकिस्तान पोस्ट के सामने पिलर नंबर 827-835 तक सीमा सुरक्षा बलों सहित स्थानीय पुलिस द्वारा सुुरक्षा के कडे़ प्रबंध किए गए थे, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
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दोनों देश की सरकारें कड़वाहट छोड़ अमन व शांति स्थापित करें
आरएस पुरा। बाबा नौ गज पीर की मजार पर नमन करने पहुंचे लोगों ने दोनों देशों के मध्य चल रही कड़वाहट छोड़ अमन व शांति स्थापित करने की कामना की। मेला देखने आई युवती ज्योति, रुचि डोगरा, शारदा ने कहा कि वह वर्षों से मेले में आ रही हैं। दोनों देश की सरकारों को चाहिए कि वह लोगों की बेहतरी के लिए अमन व शांति स्थापित करें। बुजुर्ग सरदारी लाल, प्रीतम सिंह चिब ने कहा कि जब भी पाकिस्तान ने युद्ध किया है उसे हार सहनी पड़ी। ऐसे में पाकिस्तान को इससे सबक लेते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए जाने के लिए बाबा की मजार पर शांति बनाए रखने की प्रार्थना करने के लिए आए हैं।