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जच्चा बच्चा अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं शिफ्ट करने पर हुआ बवाल

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कठुआ। कठुआ मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं चलाने के लिए महात्मा गांधी जच्चा-बच्चा अस्पताल को शिफ्ट करने पर शहर के विभिन्न संगठन और स्थानीय लोग भड़क गए। शनिवार को लोगों ने जमकर विरोध जताया। उन्होंने प्रशासन और सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुखर्जी चौक से सटी इमारत में ही स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने की मांग की। लगभग एक घंटे तक प्रदर्शन करते हुए लोगों ने मुखर्जी चौक और गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल चौक के बीच वाहनों की आवाजाही भी अवरुद्ध कर दी।
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जानकारी मिलने पर डीसी कठुआ रोहित खजूरिया मौके पर पहुंचे और लोगों से बात कर आश्वस्त किया कि किसी भी सूरत में जच्चा-बच्चा अस्पताल की सेवाओं को शिफ्ट नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं के लिए इमारत की पहली मंजिल पर काम किया जाएगा और ग्राउंड फ्लोर पर अस्पताल की सेवाएं जारी रहेंगी। सरकार ने पैसा जारी किया है और प्रशासनिक अप्रूवल दिया है अगले सत्र से कक्षाएं लग जाएंगी। उन्होंने कहा कि कठुआ के लोगों को कुछ गफलत हुई चूंकि समय पर इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा सकी थी। लेकिन अब उन्होंने निर्देश जारी कर दिए हैं कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बदस्तूर जारी रखा जाए।
इससे पहले प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश शर्मा ने कहा कि सरकार हमेशा सुविधाओं को बढ़ाने का काम करती है लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि जारी स्वास्थ्य सुविधाओं को बंद करने की कोशिश की जा रही है। राजिंद्र सिंह बब्बी ने कहा कि कठुआ का वार्ड पांच, छह, सात, दो एक के लोग रात के समय गाड़ी का साधन न मिलने पर इस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं ले सकते थे लेकिन जानबूझ कर इसे शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्पताल कठुआ शहर समेत आसपास के गांव से आने वाले लोगों के लिए बड़ी सुविधा थी। छोटा मोटा इलाज यहां संभव हो जाता था लेकिन ऐसा करने से शहर के बीचों बीच से स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला अस्पताल में ले जाया जाएगा जो उन्हें कतई मंजूर नहीं है।
क्या था मामला
कठुआ मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं अगले सत्र यानी जून 2019 से लगाने की तैयारी के बीच महात्मा गांधी जच्चा बच्चा अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को जिला अस्पताल कठुआ में शिफ्ट करने के लिए निदेशालय की ओर से निर्देश जारी किए गए थे। स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं विभाग के संयुक्त निदेशक ने गत सप्ताह स्वास्थ्य निदेशक जम्मू को इमारत उपलब्ध करवाते हुए जच्चा-बच्चा अस्पताल की सेवाएं जिला अस्पताल में शिफ्ट किए जाने की मांग की थी। स्वास्थ्य निदेशालय ने इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर दिए थे। हालांकि इसमें यू टर्न लेते हुए जल्द ही फैसले में संशोधन किया गया है। उधर, स्वास्थ्य सुविधाओं को जच्चा बच्चा अस्पताल में जारी रखने के निर्देश जिला उपायुक्त ने जारी कर दिए हैं।

देखते ही देखते प्रत्याशियों ने कैश किया जच्चा-बच्चा अस्पताल का मुद्दा
मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं चलाने के लिए जच्चा बच्चा अस्पताल को शिफ्ट करने की खबर पढ़ने के बाद चुनाव प्रचार में जुटे प्रत्याशी भी मामले को कैश करने की होड़ में दिखे। प्रदर्शनकारियों में आम लोगों से ज्यादा विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार और प्रत्याशी अधिक दिखे। इसके साथ ही शनिवार को वोट की ताकत भी दिखाई दी। चुनाव प्रचार में एक दूसरे की टांग खींचने में व्यवस्त दिखने वाले उम्मीदवारों को वोट बैंक जच्चा बच्चा अस्पताल के बाहर सड़क तक खींच लाया। खैर फायदा किसी प्रत्याशी को मिल पाएगा या नहीं यह तो वोटर ही बताएंगे लेकिन कठुआ शहर के लोगों के भले के लिए जच्चा बच्चा अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं शिफ्ट होने से बच गईं।
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