पीएचई विभाग के डेलीवेजरों की पद यात्रा को पुलिस ने रोका
- एसोसिएशन के पांच नेताओं को देर रात तक नहीं किया रिहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन फरवरी को जम्मू के विजयपुर में महा रैली को देखते हुए अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे पीएचई विभाग के डेलीवेजरों ने शनिवार को विजयपुर के लिए पद यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य शासन उनके हक की आवाज को अनसुना कर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए पद यात्रा का सहारा लिया है। हालांकि पद यात्रा को पालीटेकिभनक कालेज विक्रम चौक के पास पुलिस ने रोक लिया और एसोसिएशन के प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
आल जेएंडके पीएचई आईटीआई ट्रेंड, सीपी एंड लैंड डोनर्स वर्कर्स एसोसिएशन जम्मू के झंडे तले निकाली गई पद यात्रा में प्रदर्शनकारियों ने लंबित वेतन जारी करने और सेवाओं को नियमित करने की मांग की। एसोसिएशन के अध्यक्ष तनवीर हुसैन ने कहा कि लंबित वेतन जारी नहीं होने के कारण पीएचई विभाग के डेलीवेजर आर्थिक तंगहाली से त्रस्त है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल शासन में भी उनके हक की अनदेखी की जा रही है। 23 हजार के करीब डेलीवेजर जम्मू संभाग व नौ हजार के करीब कश्मीर संभाग में है। पिछले 55 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों में दीपक गुप्ता, सुभाष चंद्र, मंजीत सिंह ने राज्यपाल से अपील की कि वह लंबित वेतन जारी करने और एसआरओ 520 के तहत उनकी सेवाओं को नियमित करने का निर्देश जारी करें।
रैली तवी पुल से होते हुए बिक्रम चौक से जब आगे बढ़ी तो पुलिस ने रोक लिया। धक्का-मुक्की के बाद एसोसिएशन के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष तनवीर हुसैन के अनुसार उनके समेत प्रदीप शर्मा, विजय, अमरजीत और जीवन को गांधीनगर पुलिस थाना में रखा गया हैं और रिहा नहीं किया जा रहा। प्रदर्शन में दीपक गुप्ता, सुभाष चंद्र, मंजीत सिंह, विजय कुमार, जीवन सिंह, तिलक राज, पवन कुमार, प्रदीप शर्मा, दिनेश शर्मा, अल्ताफ हुसेन, रवि शर्मा, गुलाम नबी, इश्हाक हुसेन, गणेश, मकबूल हुसेन, जुल्फकार अहमद, राजेश शर्मा के अलावा कई महिलाओं समेत हजार से ज्यादा डेलीवेजर शामिल हुए।
पटरी से उतरी रही यातायात व्यवस्था
पीएचई विभाग के डेलीवेजरों की पद यात्रा से तवी पुल और विक्रम चौक में घंटा भर जाम की स्थिति बनी रही। इससे वाहनों को निकलने में काफी समय लगा और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।