कठुआ। वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि उन्हें केंद्र सरकार की ओर से मंजूर किए गए राहत पैकेज मंजूर नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर राज्य की नागरिकता की मांग तेज कर दी है। आने वाले समय में तीन फरवरी को कमेटी बड़ा आंदोलन भी करेगी।
मंगलवार को कठुआ में हुई मासिक बैठक के दौरान वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी एक्शन कमेटी ने पद्रर्शन किया और राज्य प्रधान लब्बा राम गांधी ने इसका एलान किया। उन्होंने कहा कि राहत राशि जारी करने के बाद उन्हें परेशान किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें स्टेट सब्जेक्ट की जरूरत है न कि राहत राशि की।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि इस समय राजस्व विभाग केंद्र सरकार की ओर से मंजूर की गई राहत राशि के पैकेज को देने के लिए वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों से 1951 और 1957 की मतदाता सूची की मांग कर रहा है। अगर इन दोनों वर्षों की मतदाता सूची उनके पास होती तो आज उनके स्टेट सब्जेक्ट बने होते। 1971 में जाकर उन्हें मतदान करने का अधिकार मिला था। 1971 और 1975 की मतदाता सूची उनके पास है। ऐसे में राजस्व विभाग इसी वर्ष की सूची के आधार पर परिवारों की शिनाख्त करे। उन्होंने कहा कि अगर राजस्व विभाग अपनी इसी बात पर अड़ा रहा कि वह 1951 और 1955 की मतदाता सूची के आधार पर राहत राशि देगा तो उन्हें इस बात के लिए मजबूर होना पड़ेगा कि वह राहत राशि के बजाए स्टेट सब्जेक्ट मांग को फिर से जोरशोर से उठाएं। उन्होंने कहा कि कठुआ से इस मांग की उन्होंने मंगलवार से शुरुआत कर दी है और 17 जनवरी को वह जम्मू में और उसके अगले दिन आरएस पूरा और उसके बाद बिश्नाह में विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही एक जन आंदोलन भी होगा और उसके तहत तीन फरवरी को प्रधानमंत्री की रैली वाले दिन एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसमें साफ कर देंगे कि उन्हें राहत राशि के बजाए स्टेट सब्जेक्ट दिए जाएं।