पुंछ। कठुआ के रसाना गांव मामले को लेकर जुमे की नमाज के बाद युवाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी जामा मस्जिद से जुलूस की शक्ल में निकले और गठबंधन सरकार के मंत्रियों चंद्र प्रकाश गंगा व चौधरी लाल सिंह का पुतला जलाकर नारेबाजी की।
जुमे की नमाज के बाद बगियाला मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में नौजवान और आम लोग एकत्र हुए। जहां से उन्होंने यूथ फार ह्यूमेनिटी एंड डेवलपमेंट के संस्थापक एवं अध्यक्ष इम्तियाज सलारिया और मौलाना मोहम्मद सईद की अगुवाई में जुलूस निकाला। जो नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ परेड चोक पहुंचा। जहां प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के मंत्रियों चंद्र प्रकाश गंगा और चौधरी लाल सिंह का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने रसाना मामले की निंदा करते हुए किसी भी प्रकार की राजनीति न करने का राज्य के सभी दलों से आह्वान किया और कहा कि एक आठ वर्षीय बच्ची जिसे यह भी पता नहीं था कि उसका धर्म क्या है उसके साथ इतनी घिनौनी हरकत की जाती है और राज्य सरकार के मंत्री जो खुद को एक समुदाय का कहते हैं अरे वो तो इंसान भी नहीं हो सकते जो इतनी छोटी मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और निर्मम हत्या करने वालों का सहयोग कर रहे हैं। हम मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को इस बात का ध्यान दिलाना चाहते हैं कि उन्होंने और उनके मंत्रियों ने भारतीय संविधान और राज्य के आम लोगों के साथ न्याय करने की शपथ लेकर सरकार बनाई थी इसलिए दोषी मंत्रियों को तत्काल सरकार से बाहर किया जाए और मासूम बच्ची के हत्यारों को फांसी की सजा देकर उस मासूम को इंसाफ दिलाया जाए। दूसरी तरफ मुख्य बाजार स्थित जामा मसजिद से भी रसाना मामले को लेकर जुलूस निकाला गया। इसमें मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद फारूक मिसबई की अगुवाई में हजारों लोगों ने भाग लिया और सरकार के मंत्रियों, जम्मू बार के वकीलों और रसाना मामले के दोषियों के हक में बोलने वाले लोगों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।