2010 में पहली बार राज्य में 19 आवासीय माडल स्कूलों को मंजूरी मिली थी। माडल स्कूलों को मंजूरी मिलने पर शिक्षा विभाग ने इनके निर्माण और खुलवाने को लेकर प्रयास शुरू किए थे, लेकिन इसमें अभी तक कामयाबी नहीं मिल सकी है।
अभी तक इसको लेकर शिक्षा विभाग के प्रयास चल रहे हैं। डायरेक्टर रमसा का कहना है कि जल्द ही 19 में 11 स्कूलों का निर्माण कार्य आरंभ होगा। इनके निर्माण को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (जेकेपीसीसी) एजेंसी के साथ करार हो चुका है।
आज तक राज्य में एक भी सरकारी आवासीय माडल स्कूल नहीं खुल सका है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों को आवासीय माडल स्कूल की जरूरत है। इन स्कूलों के खुलने पर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों को केंद्रीय विद्यालय स्तर की गुणवत्ता भरी शिक्षा मिलेगी।
इनको सुविधाएं भी केवी के विद्यार्थियों की ही तरह मिलेंगी। अभिभावक भी अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर निश्चिंत रहेंगे। प्रत्येक स्कूल के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 3.50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।