फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर में 1053 प्राइमरी स्कूलों में नहीं है शौचालय, बुनियादी सुविधाओं की कमी

Wed, 10 Feb 2021 04:31 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

प्रदेश में स्कूलों की संख्या 23 हजार 112 हैं।  जिसमें 12 हजार 975 प्राइमरी, 7605 मिडिल, 1744 हायर सेकेंडरी और 788 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। 2718 गर्ल्स प्राइमरी स्कूल और 2460 ब्वॉयज प्राइमरी स्कूलों में अभी तक शौचालय नहीं हैं। 
विज्ञापन
toilet - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में प्राइमरी से लेकर सेकेंडरी स्तर के 25 सौ ऐसे स्कूल हैं जो दशकों से एक या दो कमरों के किराये के भवन में चल रहे हैं। वहीं 12 हजार प्राइमरी स्कूलों में एक हजार ऐसे स्कूल भी हैं जहां शौचालय तक नहीं हैं।

विज्ञापन


समग्र शिक्षा विभाग के डेटाबेस 2019-20 के अनुसार प्रदेश में 23 हजार 112 स्कूल हैं। जिसमें 12 हजार 975 प्राइमरी, 7605 मिडिल, 1744 हायर सेकेंडरी और 788 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। कोरोना संक्रमण के बाद प्रदेश में स्कूल खुलने शुरू हो गए हैं।

शिक्षा विभाग वार्षिक परीक्षा की तैयारियों में जुटा गया है, लेकिन स्कलों में बुनियादी सुविधाओं की तरफ न अधिकारियों और न ही सरकार का ध्यान है। स्थिति यह है कि प्रदेश में समग्र शिक्षा के तहत आने वाले स्कूलों में सुविधाओं का अभाव है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः झील में खुद को कंबल से ढके और नाव पर बैठे लोग ये क्या कर रहे हैं? तस्वीरें देख धोखा खा जाएंगे

प्रदेश में शहरों से लेकर गांवों तक में स्कूल दशकों से किराये के भवनों में चल रहे हैं। वहीं स्कूलों में शौचालयों की हालात काफी खस्ता है। शौचालय टूटे फूटे और गंदगी से भरे पड़े हैं तो कई स्कूलों के शौचालयों पर ताले लटक रहे हैं। समग्र शिक्षा के डेटाबेस 2019-20 के अनुसार 2718 गर्ल्स प्राइमरी स्कूल और 2460 ब्वॉयज प्राइमरी स्कूलों में अभी तक शौचालय नहीं हैं।

यह भी पढ़ेंः झेलम में कूदी महिला, मारकोस ने चलाया ऑपरेशन, शव मिलने पर परिवार ने कही ऐसी बात कि सब रो पड़े   

हालांकि, विभाग का कहना है नया डाटा अपलोड नहीं हुआ, जिसमें शौचालयों की संख्या अब बढ़ गई है। अब सिर्फ एक हजार स्कूल ऐसे रह गए हैं, जहां शौचालय नहीं हैं। विभाग यहां भी मार्च तक शौचालय बनवाने की कोशिश करेगा। वहीं पिछले पांच वर्षों में विभाग ने किराए के भवन में चलने वाले ऐसे हजारों स्कूलों को मर्ज भी किया है।

विज्ञापन

किराये पर चलने वाले स्कूलों को अब नहीं मिलेगा पैसा

प्रदेश में किराये के भवनों में चलने वाले स्कूलों के लिए सरकार पैसा नहीं देगी। इन स्कूलों को या तो अन्य स्कूल में मर्ज किया जाएगा या फिर उस स्कूल के लिए भवन निर्माण किया जाएगा। वहीं, मार्च 2021 तक सभी स्कूलों में शौचालय बनाए जाएंगे, इसको लेकर फंड जारी कर दिया है।
अभी जो स्कूल किराये के भवन पर चल रहे हैं उन्हें समग्र शिक्षा की ओर से किराया दिया जाता था, जिसे अब बंद किया गया है। अब हमने इन स्कूलों का डाटा तैयार किया है। इसमें हर केस को देखेंगे और उसको हल करेंगे। इसमें देखा जाएगा आखिर क्यों यह स्कूल किराये के भवन में चल रहे हैं। -अनुराधा गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशालय 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें