लद्दाख में लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर है। लोगों का उत्साह भी चरम पर है। इस बार के चुनाव में 103 साल की डोलमा पुटित लद्दाख की सबसे उम्रदराज मतदाता होंगी। उन्होंने आज तक के सभी चुनावों में वोट डाला है। इस बार भी वोट डालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। डोलमा लद्दाख में नामरा हाउस, तिंगमोसगैंग की रहने वाली हैं।
चुस्ती-फुर्ती की बात करें तो डोलमा का उत्साह नवयुवा जैसा है। वह मतदान को सबसे जरूरी ड्यूटी करार देती हैं। वोटरों की संख्या पर गौर करें तो लद्दाख सीट पर करीब पौने दो लाख मतदाता अपना प्रत्याशी चुनेंगे। प्रदेश में इस बार चुनाव पांच चरणों में संपन्न होना है। 11 अप्रैल को केवल जम्मू और बारामुला सीट के लिए मतदान होगा, जबकि लद्दाख की बारी सबसे बाद में आएगी। यहां आखिरी चरण में आने वाली छह मई को वोट पड़ेंगे।
यहां से अभी तक भाजपा ने जामेयांग सेरिंग नामगेयाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि अन्य दलों की तरफ से अभी उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है। लद्दाख संसदीय सीट के तहत चार विधानसभा क्षेत्र सम्मिलित हैं। इन क्षेत्रों में नोबरा, लेह, कारगिल और जंस्कार शुमार हैं। लद्दाख में दो जिले लेह और कारगिल पड़ते हैं। काफी समय से लद्दाख को यूनियन टेरिटरी यानी संघ शासित क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग की जा रही थी। हाल ही में लद्दाख को डिवीजन घोषित किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि अगर 1971 से लेकर सात विधानसभा चुनावों के आंकड़े पर गौर करें तो सर्वाधिक वोटिंग भी इसी सीट पर हुई है।
डोलमा इस बार भी वोट डालेंगी। वह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ऐसे ही लोगों की वजह से चुनाव लोकतंत्र का उत्सव कहलाता है।
-अवनि लवासा, डीसी (लेह)