घाटी में उपद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों से उपजे माहौल में एंबुलेंस की आवाजाही मुश्किल हो गई है। जहां तहां पत्थर बरसाए जा रहे हैं।
लाल बत्ती और सायरन के साथ गुजरती एंबुलेंस तक को पत्थरबाज नहीं छोड़ते। यदि पथराव के बीच से एंबुलेंस निकलने में कामयाब हो जाए तो भीड़ नियंत्रण और कर्फ्यू की पाबंदियों के बीच एंबुलेंस सुरक्षा बलों की गफलत का भी शिकार हो रही हैं। घायलों के शिफ्ट चक्कर करने के चक्कर में एंबुलेंस के कई चालक जख्मी हो चुके हैं।
पिछले 43 दिन से घाटी में जारी हिंसा के दौरान अन्य वाहनों के साथ साथ एंबुलेंस भी तोड़फोड़ का शिकार हुई हैं। श्रीनगर सहित अन्य जिलों में घायलों को लाते ले जाते समय 120 से अधिक एंबुलेंस तोड़फोड़ का शिकार हो चुकी हैं।