जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर से लश्कर-ए-ताइबा के प्रशिक्षित आतंकी अब्दुल कयूम के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उसके साथियों की तलाश है। माना जा रहा है कि कयूम किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की मंशा से पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके से आया था।
पूछताछ में वह सुरक्षा एजेंसियों को अब भी चकमा दे रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि वो बयान बदल-बदल कर कई अहम जानकारियां छिपाने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां पाक आतंकी से सुरक्षित जगह पर पूछताछ कर रही हैं।
बीएसएफ ने आतंकी को पुलिस के हवाले कर दिया औैर खौड़ पुलिस थाने में उसके खिलाफ 64 एफए और 3/6 आईपीए के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कयूम को पुलिस ने दस दिन की रिमांड पर ले लिया है और उससे सेफ हाउस में सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
घुसपैठ करके बड़ी वारदात करने की थी योजना
डेमो पिक
- फोटो : Demo Pic.
उसे अखनूर सेक्टर से सीमा पर तारबंदी के नजदीक पकड़ा गया था। सेफ हाउस में सेना, आईबी, रॉ, पुलिस की विभिन्न खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि लश्कर के निशाने पर कौन-कौन से ठिकाने हैं। सुरक्षा एजेंसियां कयूम के दोनों सिम कार्ड से मिले फोन नंबरों को खंगाल रही हैं।
पता किया जा रहा है कि किन आतंकी संगठनों के आकाओं से उसके संपर्क थे। क्या बातचीत हुई और उनकी किस जगह पर हमले की तैयारी थी। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि वह अपने कुछ साथियों के साथ भारतीय सीमा में घुसपैठ करके बड़ी वारदात करने की फिराक में था। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण कयूम के साथी वापस भागने में सफल रहे।
सूत्रों के अनुसार, लश्कर के सरगना हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन सरगना सैय्यद सलाहुद्दीन की जानकारी होने के कारण उससे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। कयूम से आतंकवाद संबंधित कई राज उगलवाने में सुरक्षा एजेंसियां लगी हैं। जम्मू कश्मीर में किस जगह पर लश्कर का नेटवर्क काम कर रहा है, किन महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला करने की योजना है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।