सीमावर्ती इलाकों में सड़क और पानी की समस्या लेकर जिला सचिवालय पहुंचे ग्रामीणों ने फौरी समाधान की मांग उठाई।
हीरानगर सब डिवीजन के नौ चक सहित अन्य गांवों से आए लोगों का नेतृत्व करते हुए घनशाम ने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित विभाग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
नौ चक में ट्यूबवेल तो है लेकिन पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। ऐसे में ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है।
ग्रामीणों में शामिल बुई लाल और चमन लाल ने कहा कि पानी की समस्या गर्मी के सीजन में लोगाें को बेहद परेशान कर रही है। इस बाबत उन्होंने लिखित में अनुरोध किया था लेकिन पीएचई विभाग ने कोई सुनवाई की।
इसी तरह से सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने वाले मुख्य व संपर्क सड़कों की हालत खस्ता है। सीमावर्ती इलाकों में आपात स्थितियों के दौरान आवाजाही करनी पड़ती है।
सड़क संपर्क को दुरुस्त करने के लिए कार्यवाही नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें मजबूरन जिला सचिवालय में आकर अपनी समस्याएं सुनानी पड़ रही हैं। इसके बावजूद यदि उनकी सुनवाई नहीं की जाती है तो वे सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।