लिंगानुपात और शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए मिशन स्वाभिमान की कवायद तेज हो गई है। नेहरू युवा केंद्र (एनवाईके) ने निर्धारित लक्ष्य के तहत 20 गांव गोद लेने की तैयारी कर ली है। इसके लिए प्रति गांव 20 स्वयंसेवकों की तैनाती शुरू कर दी गई।
छह महीनों का लक्ष्य तय कर नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक गांवों में जाकर महिलाओं की शिक्षा और साक्षरता दर को सौ फीसदी करने काम करेंगे। केंद्र के जिला समन्वयक सोमदत्त जर्द ने बताया कि कठुआ जिले के 20 गांवों की जिम्मेदारी नेहरू युवा केंद्र को मिली है। इसके तहत हर गांव में विलेज स्वाभिमान सेल स्थापित किया जाएगा।
गोद लिए गए सभी बीस गांवों में लिंगानुपात बढ़ाने सहित बालिकाओं को सुरक्षित माहौल दिलाना, शिक्षा में प्राथमिकता दिलाना जैसे विषय लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान गांवों में सौ फीसदी साक्षरता दर पहुंचाने के साथ साथ कानूनी प्रावधानों के प्रति ग्रामीणों को अवगत करवाना प्रमुखता से लिया जाएगा।
इसी तरह से प्रदेश और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों की जागरूकता लाई जाएगी। लिंग निर्धारण की जांच जैसे अपराध को जड़ से समाप्त करने पर मिशन स्वाभिमान काम करेगा।
जिला समन्वयक ने बताया कि कठुआ जिला में जिला उपायुक्त डाक्टर शाहिद इकबाल चौधरी ने नवंबर, 2014 में मिशन को लांच किया था। इसे चरणवार रूप से क्रियान्वयन की तरफ ले जाया जा रहा है। मिशन को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।