पिछले दस महीनों से वेतन न मिलने से खफा रहबर-ए-तालीम शिक्षकों ने रविवार को विभाग के खिलाफ भड़ास निकाली।
शिक्षकों ने शहीद भगत सिंह पार्क में एकत्रित होकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें वेतन नहीं दिया गया, तो वे काम करना बंद कर देंगे। शिक्षा यदि प्रभावित होती है, तो इसके लिए शिक्षा विभाग जिम्मेदार होगा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए अरविंद शर्मा ने कहा कि पिछले दस महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे लग रहा है कि विभाग शिक्षकों से बंधुआ मजदूरी करवा रही है, लेकिन अब शिक्षक वर्ग इस शोषण को सहन नहीं करेंगे।
यदि विभाग वेतन नहीं दे सकता तो वह भी काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह स्कूलों में जाएंगे, लेकिन कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नियमित हो चुके आरईटी शिक्षकों का वेतन पूरा करने के लिए 27 करोड़ और हेड मास्टरों के
वेतन के लिए 12 करोड़ की राशि चाहिए।
विभाग हर बार फंड न होने की बात कह उनका वेतन देने में आनाकानी करता रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा विभाग अपने ही कर्मचारियों का शोषण कर रहा है।
अब उनके लिए परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। यदि विभाग ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया, तो वे अपने आंदोलन को व्यापक स्तर पर चलाएंगे। इस मौके पर मस्त सिंह, राकेश कुमार, कुलदीप सिंह, प्रताप सिंह, केवल कुमार आदि उपस्थित रहे।