विद्यार्थियों को बसों के किराए में पचास प्रतिशत छूट न देने पर वीरवार को कॉलेज विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले नहर चौक पर कॉलेज के विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर शहर की मुख्य सड़क को करीब दो घंटे तक जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। बाद में आरटीओ कठुआ की ओर से आश्वासन मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर विरोध स्थगित कर दिया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल परिषद की कॉलेज इकाई के अध्यक्ष आकाश अंदोत्रा सहित कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष मयंक बगोत्रा, शहरी इकाई उपाध्यक्ष अमित सूदन ने कहा कि विद्यार्थियों को पचास फीसदी किराए में छूट है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन वाहनों में विद्यार्थियों से पूरा किराया वसूला जाता है।
अमूमन हर दिन विद्यार्थियों का किराए में छूट को लेकर बस चालकों-परिचालकों से बहस-मुबाहिसा हो जाता है। कई दफा तो विद्यार्थियों को देखकर यात्री वाहन अपना स्टॉप होने के बावजूद नहीं रुकते। ऐसे में विद्यार्थियों की कभी कक्षाएं तो कभी प्रैक्टिकल की पढ़ाई प्रभावित होती है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह समस्या हर उस विद्यार्थी की है, जो सार्वजनिक परिहवन सेवा पर निर्भर है और आर्थिक रूप से कमजोर है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल रघु अंदोत्रा, विनेश राजपूत, प्रशांत कुमार और प्रशांत सिंह ने भी प्रशासन पर भड़ास निकालते हुए कहा कि वह जिला प्रशासन के पास कई दफा फरियाद लेकर गए हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
परिवहन वाहनों के चालक सहचालक अपनी मनमानी कर रहे हैं। इस बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर विद्यार्थियों को शांत करवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आरटीओ कठुआ को मौके पर लाने के लिए अड़े रहे।
बाद में आरटीओ कठुआ ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तमाम यात्री वाहनों में किराया और छूट का नियम दर्शाती सूची प्रदर्शित की जाएगी।