सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए अक्तूबर 2014 में पूर्व राज्य सरकार ने पूरे राज्य में 800 सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने के आदेश जारी किए थे।
इन स्कूलों को अपग्रेड करने पर सरकार को करीब 350 करोड़ खर्च करने थे। इन स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए स्टाफ उपलब्ध करवाना विभाग के लिए चुनौती थी, लेकिन अब नई राज्य सरकार ने इस आदेश पर रोक लगा दी है।
कमिश्नर सेक्रेटरी गवर्नमेंट स्कूल एजूकेशन डिपार्टमेंट ने शिक्षा निदेशक को आदेश दिए हैं कि नए सत्र में अपग्रेडेशन के तहत इन स्कूलों में नए विद्यार्थियों की एडमिशन नहीं की जाएगी। अपग्रेडेशन के तहत जो स्कूल प्राइमरी से मिडिल बनाए गए थे, उनमें सातवीं, आठवीं के विद्यार्थियों की एडमिशन की जानी थी।
मिडिल से हाई बनाए स्कूलों में नौवीं, दसवीं और हाई से हायर सेकेंडरी बनाए स्कूलों में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं चलानी थीं। इनमें नया स्टाफ नियुक्त करना ही शिक्षा विभाग के लिए चुनौती थी। कमिश्नर सेक्रेटरी ने शिक्षा निदेशक को आदेश दिए हैं कि इस अपग्रेडेशन के तहत न तो स्कूलों में नए विद्यार्थियों का दाखिला किया जाएगा और न ही स्टाफ नियुक्त किया जाएगा। शिक्षा निदेशक ने यह आदेश सभी जिलों के चीफ एजूकेशन आफिसर्स तक पहुंचा दिया है।