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पल्स पोलियो अभियान का दूसरा चरण 22 से

Fri, 20 Feb 2015 06:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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रियासत में 22 फरवरी से शुरू किए जा रहे पल्स पोलियो अभियान के दूसरे चरण में खराब मौसम चुनौती रहेगा। घाटी के कई हिस्सों में ताजा बर्फबारी हुई है। हाईवे पर भी मौसम की मार पड़ी है। हालांकि, अभियान के लिए सभी जगहों पर वैक्सीन पहले ही पहुंचा दी गई थी। लेकिन बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अड़चनें आ सकती हैं।
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परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डा. बलदेव राज शर्मा के अनुसार तय शेड्यूल के मुताबिक राज्य के तीनों खित्तों में पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा, लेकिन अगर बर्फबारी बाले क्षेत्रों में जरूरत पड़ी तो वहां अभियान को बढ़ा दिया जाएगा।

रियासत में रविवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान में पांच साल तक के करीब साढ़े 19 लाख बच्चों को पोलियो निरोधक ड्राप्स पिलाए जाएंगे। इसमें पहले दिन बूथ अभियान चलाकर अन्य दो दिन डोर टू डोर बचे हुए बच्चों को कवर किया जाएगा।
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अभियान में विस्थापित आबादी पर ध्यान ज्यादा केंद्रित किया जाएगा। इसमें ईंट भट्ठों, झुग्गी झोपड़ी, विस्थापित गुज्जर बक्करवालों, निर्माण स्थलों और सड़क किनारे बसे श्रमिकों के  बच्चों तक पहुंचा जाएगा। अभियान में जम्मू डिवीजन में 866749 और कश्मीर डिवीजन में 1083881 बच्चों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जम्मू डिवीजन में 5528 और कश्मीर में 5877 बूथ स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा जम्मू डिवीजन में 197 और कश्मीर में 101 ट्रांजिट टीमें काम करेंगी। ट्रांजिट टीमें अलग से बस स्टैंड, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन सहित अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले बच्चों को कवर करेंगी।
बक्करवाल, खानाबदोश बच्चों के लिए जम्मू डिवीजन में 231 और कश्मीर में 83 मोबाइल टीमें बनाई गई हैं। हर पांच बूथ पर एक सुपर वाइजर रहेगा।

अभियान निर्धारित तिथि को सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में देश भर में 41 नए पल्स पोलियो के मामले सामने आए थे। इनमें जम्मू की बाजीगर बस्ती से खानाबदोश परिवार से एक बच्चा पाजिटिव पाया गया था।

वर्ष 2002 से लेकर 2010 तक राज्य में सिर्फ तीन ही पल्स पोलियो के मामले पकड़े गए हैं। लेकिन ये सभी मामले बाहरी राज्यों से यहां तक पहुंचे। इनमें स्थानीय कोई मामला नहीं था। पिछले करीब चार साल से रियासत में कोई पल्स पोलियो का मामला सामने नहीं आया है। 
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