जंगली जानवरों का मैदानों में दिखना आम बात नहीं है। इसके पीछे बर्फबारी को वजह माना जा रहा है। पहाड़ों पर इस सीजन में अब तक तीन बार बर्फबारी हो चुकी है। पहाड़ बर्फ से लदे हुए हैं, ऐसे में शिकार की तलाश में जंगली जानवर मैदानों की ओर रुख करते हैं।
वीरवार को जिला कठुआ के मैदानी इलाके में तेंदुए के दिखने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी जंगली जानवरों के आतंक के कारण मैदानी लोगों को कई बार परेशान होना पड़ा है। बरवाल में इससे पहले भी कई बार तेंदुआ दिख चुका है।
बिलावर और महानपुर के इलाकों में भी तेंदुए द्वारा मवेशियों को शिकार बनाने की घटनाएं सर्दी के मौसम में होती रही हैं। जानवरों के मैदानों की ओर आने की एक अन्य बड़ी वजह वनों की अंधाधुंध कटाई भी है।
समाज सेवी शशि शर्मा ने इस मसले पर चिंता जताते हुए कहा कि वनों की कटाई के कारण भी जंगली जानवर मैदानों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्हें वनों में रहने के लिए वातावरण नहीं मिल पा रहा है। जंगल में पेड़ों के काटे जाने से उनको शिकार भी कम मिलता है।