प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रायोजित करने वाली एजेंसियां गांवों में जाकर खासतौर पर दूरदराज के इलाकों में पहुंच कर इसके लिए जागरूकता शिविर लगाएं और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें।
यह बात मंगलवार को यहां जिला विकास आयुक्त मुबारक सिंह ने कही। वह एसबीआई-आर-सेटी की स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमेें सितंबर में खत्म हुई तिमाही के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
आरसेटी के डायरेक्टर एवं समिति के संयोजक राजेश शर्मा ने तिमाही की प्रगति पर प्रकाश डाला और 2015-16 का ट्रेनिंग कैलेंडर पेश किया।
नए प्रशिक्षण कैलेंडर में महिलाओं की ड्रेस डिजाइनिंग, पलबर एंड सेनिटरी वर्क्स, साट टॉयस बनाने, ब्यूटी पार्लर, डिजाइनर कपड़े, पोल्टरी, मल्टी फोन सर्विस, कंप्यूटर टैली, लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग, फैशन डिजाइनिंग, मशरूम खेती, डेयरी फार्मिंग जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं।
इस दौरान बताया कि इस तिमाही में 86 उमीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया। जिला विकास आयुक्त ने प्रायोजित करने वाली एजेंसियों से कहा कि वह गांवों में जाकर खासतौर पर दूरदराज के इलाकों में इसके लिए जागरूकता शिविर लगाएं और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें।
इस मौके पर ए.डी.डी.सी. विवेक शर्मा, ए.सी.डी. प्रदीप सिंह,जनरल मैनेजर डी.आई.सी. सतीश शर्मा, डी.डी.एम.-नाबार्ड सुरिन्द्र सिंह के अलावा विभिन्न विभागाें के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
बाद में नंदनी में एक बैठक के दौरान नवंबर के अंत तक के बार्डर एरिया डेवेल्पमेंट प्लान की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 2014-15 के लिए इस बार्डर एरिया डेवेल्पमेंट प्लान के तहत 453 लाख रुपये की राशि तय की गई थी।
योजना एवं विकास विभाग द्वारा हेल्थ सेक्टर के तहत 17 लाख रुपये, आर एंड बी सेक्टर के लिए 79.50 लाख रुपये, रूरल सेक्टर के लिए 204 लाख रुपये, पीएचई सेक्टर के लिए 41.5 लाख रुपये, बिजली सेक्टर के लिए 75 लाख रुपये और स्किल एवं सोशल ऑडिट के लिए 12.20 लाख रुपये तय किए गए हैं।
जिला विकास आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वह निर्माण कार्यों में तेजी लाएं और इस योजना के तहत चल रहे कामों को चालू वित्त वर्ष में ही पूरा करें। इस मौके पर बिजली, पीएचई, सड़क एवं भवन विभाग आदि विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।