चैत्र नवरात्र में महामाई के मंदिरों में सोमवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेक सुख स्मृद्धि की कामना की।
शहर के प्रमुख बावे वाली माता सहित अन्य महामाई के मंदिरों के अलावा माता वैष्णो देवी के पहले दर्शन कोल कंडोली मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब दर्शन को उमड़ा। कोल कंडोली मंदिर में भी सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। ऐसा ही हाल बावे वाले मंदिर, महामाया मंदिर और शहर के तमाम मंदिरों में भी रहा।
दर्शन को लंबी कतारें लगी होने से जय माता दी आदि के जयघोष लगाते हुए भक्तजन आगे बढ़ते रहे। भक्तों की मां के प्रति आस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तेज धूप में भी लंबी कतारों में खड़े होकर उनके चेहरों पर उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं थी।
कोल कंडोली माता दरबार के पुजारी पंडित जय का कहना है कि नवरात्र पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं और मंदिर परिसर में दस दिवसीय मेले का आयोजन भी किया गया है।