शहर के डिग्री कालेज में बिना ड्रेस और हेलमेट के प्रवेश नहीं का मंगलवार को जोरशोर से चलाया गया अभियान अगले दिन ही बुधवार को धराशायी हो गया। कालेज में धड़ल्ले से बिना हेलमेट और ड्रेस पहने विद्यार्थी पहुंचे।
कालेज के प्रिंसिपल ने खुद गेट पर खड़े होकर उन विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं करने दिया था जो बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहनों से कालेज आए थे। उन विद्यार्थियों को भी घुसने नहीं दिया गया था जिन्होंने कालेज की ड्रेस नहीं पहनी थी। यातायात विभाग की ओर से हेलमेट नहीं पहनने पर चालान भी काटा गया था।
इसके चलते कालेज के गेट पर खूब हंगामा हुआ था। लेकिन यह अभियान अगले ही दिन शांत हो गया। बुधवार को किसी भी विद्यार्थी को न तो वर्दी के लिए रोका गया और न ही बिना हेलमेट पहने बाइक से आने से पर रोका गया। सब कुछ वैसा ही चला जैसे आम दिनों होता है।
विद्यार्थियों में मंगलवार की कार्रवाई का कोई असर नहीं देखा गया। बुधवार को कोई कार्रवाई नहीं होने पर कालेज प्रिंसिपल का कहना है कि विद्यार्थियों को ड्रेस के लिए दो दिन का समय दिया गया है। अगर यह बात मान भी ली जाए तो बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहनों से आने वाले विद्यार्थियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।