यौन शोषण के मामले में फरार रहे नारायण साईं पांच दिन तक जम्मू में छिपा रहा। पिछले महीने 18 नवंबर से 22 नवंबर तक वह जम्मू में एक गुप्त स्थान पर रहा और उसके बाद वह हरियाणा रवाना हो गया।
नारायण साई जम्मू आने से पहले लुधियाना में था। लुधियाना से वह जम्मू कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। एसएसपी जम्मू अतुल कुमार गोयल के अनुसार नारायण साईं फरार होने के दौरान जम्मू में रहा। इसकी जानकारी जम्मू पुलिस के पास नहीं है।
अगर संबंधित राज्य की पुलिस संपर्क करेगी तो जांच की जाएगी कि वह जम्मू में किस जगह रहा और किन लोगों ने उसके छिपने में मदद की है। फिलहाल मामला जम्मू पुलिस के पास नहीं है और संबंधित राज्य की पुलिस ही जांच करेगी।
जानकारी के अनुसार आसाराम के बेटे नारायण साईं ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह इन पांच दिनों में जम्मू और पठानकोट के बीच रहा और इसी क्षेत्र में मूव करता रहा। इस स्थान की जानकारी उसने नहीं दी। नारायण साईं को हरियाणा पुलिस ने पिपली क्षेत्र से दबोचा था।
वह पिछले काफी समय से फरार चल रहा था। वेश बदलकर वह देश के कई स्थानों पर छिपा रहा। जम्मू में छिपने का रहस्योद्घाटन नारायण साईं के पकड़े जाने के बाद हुआ है।
जम्मू में इस संबंध में पहले ही एक मामला चल रहा है, जिसमें आसाराम के चेले भोलानंद के खिलाफ साजिश रचने का मामला दर्ज हुआ है। भोलानंद मुंबई से जम्मू पहुंचा तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। मौजूदा समय में भोलानंद न्यायिक हिरासत में है।