कश्मीर में बाढ़ के बाद विस्थापन से जम्मू शहर के अस्पतालों पर मरीजों का यकायक लोड बढ़ गया है। जीएमसी अस्पताल के नेफरोलाजी, कैंसर, हिमोफेलिया, इमरजेंसी आदि यूनिटों में रोजाना बाढ़ से प्रभावित मरीज पहुंच रहे हैं।
पहले से ही मरीजों का लोड झेल रहे जीएमसी पर अतिरिक्त लोड बढ़ने से मरीजों को रीजनल रेडक्रास की महेशपुरा स्थित अटेंडेंड सराय में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
जीएमसी प्रशासन ने मंडलायुक्त एवं सोसायटी के चेयरमैन से ग्राउंड और पहले फ्लोर की मांग की है। यहां मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। मंडलायुक्त शांतमनु ने कहा कि अटेंडेंट सराय को अस्थायी तौर पर जीएमसी को देने की तैयारी की जा रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह फैसला किया गया है। इसमें मरम्मत सहित अन्य दूसरे कार्य किए जा रहे हैं।
श्रीनगर में बाढ़ के बाद हाईवे खुलने और एयरलिफ्ट होकर पहुंचे हजारों लोगों में बड़ी संख्या में मरीज भी शामिल हैं। इनमें अधिकांश तनाव से जूझ रहे हैं तो बड़ी संख्या में कई अन्य बीमारियों से ग्रस्त होकर जीएमसी पहुंच रहे हैं।
सुपर स्पेशलिटी के नेफरोलाजी विभाग में भी कई बाढ़ पीड़ितों का डायलेसिस हो चुका है। इन मरीजों को समय पर डायलेसिस सुविधा न मिलने से शहरी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसी तरह कैंसर यूनिट में किमीथैरेपी सहित अन्य थैरेपी के लिए पीड़ित पहुंच रहे हैं।
अटेंडेंट सराय में पांच मंजिला जीएमसी और अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को ठहरने और खाने की सुविधा दी जा रही है। जीएमसी के प्रस्ताव में पहले दो फ्लोर के साथ दस लाख रुपये की राशि भी मांगी है। इसमें मरीजों के लिए उचित चिकित्सा सुविधाएं जुटाई जाएंगी।