पाकिस्तान की गोलीबारी से शनिवार को महिला की मौत के बाद मंगु चक गांव में सन्नाटा पसरा था।
सुबह थोड़ी देर जब कोई गोला नहीं गिरा तो सभी गांव वासी अपने परिवाराें को लेकर सुरक्षित स्थान के लिए भाग रहे थे जिसे जो कुछ मिल रहा था उससे भागा जा रहा था।
ग्रामीण मदन लाल के अनुसार सुबह आठ बजे तक लोग अपने घराें के भीतर थे। वह भी अपने कमरों की दीवार के साथ लगे थे गोलीबारी थमने पर वह बाहर निकले थे।
उन की भाभी तोशी देवी ने अपनी बेटी को स्कूल भेज दिया उसकी परीक्षा थी जबकि बड़ा बेटा भी बाहर शौच के लिए गया था ग्यारह बजे के करीब पाकिस्तान की ओर से दागे गए।
मोर्टार के गोले उन के आंगन में गिरे जिससे उन के परिवार को कुछ नहीं सूझा था वह कमरो की ओर भागे जैसे ही उन्हाेंने अपने भाई के घर की ओर देखा तो उनकी भाभी तोशी और भतीजा राहुल खून से लथपथ थे।
सीमांत गांव में कोई भी वाहन उपलब्ध नहीं था ऐसे में गांव के सेवानिवृत्त सैनिक हरपाल बच्चों के साथ निकल रहा था उसने दोनो घायलों को सांबा जिला अस्पताल पहुंचाया था।