पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर गोलाबारी शुरू होने से धान कटाई पर संकट छा गया है। क्षेत्र में धान की कटाई शुरू हो गई है। बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूरों ने यहां डेरा डाल रखा है। ऐसे में धान की पकी फसल पर एक बार फिर संकट के बादल घिरते नजर आ रहे हैं।
पाकिस्तान ने शुक्रवार की रात करीब आठ बजे से अरनियां के चारवा सेक्टर में भारी गोलाबारी की। पाकिस्तान ने पित्तल पोस्ट, स्टाप टू और टेंटगार्ड पोस्ट को निशाना बनाया। देर रात तक गोलाबारी जारी थी। गौरतलब है कि पिछले साल इसी महीने पाकिस्तान ने इस क्षेत्र में भयंकर गोलाबारी शुरू की थी। तब भी धान की कटाई जोरों पर थी। इस बार भी सीमा पर गोलाबारी शुरू होने से धान की कटाई पर संकट नजर आ रहा है।
किसान बलदेव चंद, गाराराम, बनारसी दास, गुरिंद्र सिंह आदि का कहना है कि पहले तो कम बारिश से धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित हुई। जैसे-तैसे किसानों ने धान की फसल को पाला पोसा। इसके बाद जब फसल पकना शुरू हुई तो भारी बारिश और बाढ़ की तबाही ने बर्बादी लाई। हजारों एकड़ फसल बह गई। इसके बाद जो कुछ बची वह अब पक गई है।
किसानों का कहना है कि फसल अब कटाई को तैयार है। बाहरी राज्यों से मजदूर भी आ गए हैं। लेकिन अब पाकिस्तानी गोलाबारी ने फिर माहौल बिगाड़ दिया है। किसान पहले से ही सहमे हुए हैं। वह बाढ़ में बर्बाद हो गए हैं। घर में रखा खाने पीने का सामान बह गया है।
कुछ उम्मीदें हैं बची हुई फसल से। लेकिन पाकिस्तान ने अब और संकट ला दिया है। ऐसे माहौल में वह सीमावर्ती खेतों में धान कैसे काटने जा पाएंगे। अब तो उनके सामने भुखमरी की नौबत आ जाएगी। पिछले दिनों पाकिस्तानी बंदूकें खामोश होने से उम्मीद थी कि वह फसल को आसानी से काट सकेंगे। लेकिन जब फसल को काटने का काम शुरू कर दिया गया तो पड़ोसी देश फिर अपनी नापाक हरकतों पर उतर आया।
यह किसानों के लिए बुरी स्थिति है। पहले तो सूखा और फिर बाढ़ ने मारा, अब पाकिस्तान बंदूकें मारने को उतारू हैं। कैसे हम किसानों की बसर होगी। परिवार का भरणपोषण कैसे हो सकेगा।