जिले क ी सीमावर्ती तहसील राजपुरा में अतिक्रमण से बाजार सिकुड़ रहे हैं। यात्री वाहनों के कई जगह खडे़ रहने से स्थानीय लोगों को आने जाने में जाम की परेशानी से भी जूझना पड़ता है। इस बाबत प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया है लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाए जाने से कसबा वासी भी सड़कों पर आने के लिए विविश हो रहे है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार राजपुरा को तहसील का दर्जा मिल चुका है। यहां तहसीलदार ने नियुक्ति के बाद काम काज भी शुरू कर दिया है लेकिन सिकुड़ रहे कसबे के बाजारों के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं है। उन का कहना था की क्षेत्र के लोग जहां भी दिल चाहा वाहन खडे़ कर देते हैं। इससे आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उनके अनुसार इस बाबत कई बार प्रशासन को अवगत करवाया गया है लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाए जाने से आज भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र इस ओर कोई उचित कदम नहीं उठाया तो वे लोग प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर आ जाएंगे जिसकी जिम्मेवारी स्थानीय प्रशासन की होगी।