शक्ति स्वरूप माता की अपार श्रद्धा के साथ मनाया गया चैत्र नवरात्र रविवार को रामनवमी के साथ समाप्त हो गया। पर्व के आखिरी दिन कंजक पूजन कर साखों को बहते पवित्र जल में प्रभावित किया। नदियों, सरोवरों के पास श्रद्धा का अपार संगम दिखा।
कई भक्तों ने पूरे नवरात्र के दौरान व्रत रखकर माता की आराधना की। इस दौरान मंदिरों में रोजाना सुबह और शाम को विशेष पूजा की गई। माता के दर्शन करने के लिए दिनभर भक्तों का मंदिरों में तांता लगा रहा।
शनिवार को सुबह से ही भक्तों ने उपवास पूरा होने पर घरों और मंदिरों में कंजक पूजन करने के बाद बहते हुए जल में मां की साख प्रवाहित कीं। आरएस पुरा, मीरां साहिब सहित आसपास के गांवों गांव में भक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर हवन में आहुतियां डाली।
आरएस पुरा कसबे के रामेश्वरमधाम में स्वामी प्रकाशनंद की देखरेख में सुबह हवन करने के बाद कंजक पूजन किया गया। शीतला माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर में भी भक्तों ने मां की पूजा की। मीरां साहिब कसबे के इंदिरा नगर व कृष्णा नगर के दुर्गा मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्त माथा टेकने पहुंचे। दोपहर को मंदिरों में भंडारा किया गया।
सीमावर्ती गांव सत्तोवाली के ग्रामीणों ने शोभायात्रा निकाली जो कई गांव से होते हुए आरएस पुरा कसबे में समाप्त हुई।
अखनूर क्षेत्र में भी मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा।
मंदिरों और देवस्थानों पर पूजा-अर्चना और भंडारे हुए। साख प्रवाहित करने के दौरान चिनाब दरिया पर भक्ति का मनमोहक रूप दिखा। दरिया के ज्योपोता घाट, पांडव गुफा, हरि मंदिर घाट पर सुबह से भक्तों का हुजूम उमड़ा पड़ा। स्थानीय ही नहीं, जम्मू से भी माता के भक्त दरिया में साख प्रवाहित करने पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने दरिया में स्नान कर ज्योपोता घाट पर बने दुर्गा मंदिर में पूजा की। महंत रामानंद दास ने बताया कि मंदिर में हर साल भक्ति का सैलाब उमड़ता है। इस बार भी दरिया में स्नान करने के बाद भक्तों ने माता के मंदिर में माथा टेका।
सीमावर्ती क्षेत्रों में भी नवरात्र की धूम रही। रामगढ़ सेक्टर के गांवों में दिन भर माता के जयकारे गूंजते रहे। घरों में इस मौके पर पकवान बनाए गए। माता के मंदिरों में सुबह से ही कतारें लग गई थीं।
साख विसर्जित करने के बाद भक्तों को हलवा और पूड़ी बांटी गईं। विजयपुर में भी कन्या पूजन के साथ ही नवरात्र समाप्ता हो गया। पूरे नवरात्र के दौरान मंदिरों में विशेष साजसज्जा रही। कई मंदिरों में जगराते हुए। सीमावर्ती अरनिया सेक्टर में भी भक्तों में अपार श्रद्धा देखी गई।
पूरे नौ दिन व्रत रहने वाले भक्तों ने कंजक पूजन के बाद व्रत तोड़ा। पूरे नवरात्र के दौरान मंदिरों में भजन कीर्तन चलता रहा। रामनवमी के दिन भर माता के जयकारे गूंजते रहे। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।