घने कोहरे और धुंध के चलते सीमा पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। बीएसएफ के जबान दिन रात एक कर सीमा की रक्षा के लिए जुटे हुए है।
यही नहीं सीमावर्ती क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर भी बख्तरबंद वाहनों से पेट्रोलिंग की जा रही है। ताकि संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा सके।
रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बने तनाव और घुसपैठ को रोकने के लिए बीएसएफ के जवानों को कड़ी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इसी के तहत घने कोहरे और धुंध के बावजूद भी सुरक्षा में कोई चूक न रह जाए इसलिए बल के जवान बख्तरबंद वाहनों का अधिक प्रयोग कर रहे हैं।
वही दिन रात जवान सीमा की निगरानी में जुटे हुए हैं। सीमा की निगरानी के लिए तैनात एक जवान ने बताया कि सीमा पर लगाई तारबंधी के पीछे बनाए गए माउंट पर केवल चादरें ही डाली गई है।
उन का कहना था कि यदि हैवी चादरें डाली हाें तो कम से कम गोलो का डर तो नहीं रहेगा। फिर भी जवान मुस्तैदी के साथ सीमा की निगरानी के लिए दिन रात एक कर रहे है।
घने कोहरे और धुंध के कारण जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। ठिठुरन बढ़ने से लोगों को आग का सहारा लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
उधर विस्थापित शिविरों मे भी लोगों का बुरा हाल रहा। स्थानीय लोगाें ने लकड़ियों का प्रबंध कर आग जला कर दी जिस से ग्रामीणों ने आग के सहारे दिन व्यतीत किया।
सीमावर्ती गांव चचवाल, चलेआरी, मंगुचक के ग्रामीणों को सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल राजपुरा मे बैठाया गया था जिस पर आज छात्रों की परीक्षाएं थी जिन का केन्द्र एक निजी स्कूल में बनाया गया ताकि छात्रों की परीक्षा प्रभावित न हो। आज दिन भर घने कोहरे और धुंध से आवाजाही में भी परेशानी बनी रही थी।