सीमा पर माहौल सही होने का भरपूर फायदा उठाने के लिए किसानों ने धान की कटाई में तेजी ला दी है। अच्छी बात यह है कि क्षेत्र में कंबाइन मशीनें भी पहुंच गई है। इससे उन्हें बड़ी राहत मिल रही है।
सीमावर्ती किसान मशीनों का लाभ लेकर बची हुई फसल को जल्द से जल्द समेट लेना चाहते हैं। सीमा के उस पार भी पाकिस्तानी खेतों में कंबाइन मशीनें चलने की आवाज साफ सुनी जा सकती है।
अरनिया सेक्टर की करीब 32 किलोमीटर लंबी सीमा के पास भारतीय क्षेत्र में 24 से अधिक गांव बसे हैं। पिछले दिनों पाकिस्तानी गोलाबारी में इन गांवों के लोगों को पलायन करना पड़ा था। एक अनुमान के मुताबिक तकरीबन दस और फसल को समेटने में लगेंगे।
दरअसल, धान की मोटी फसल को काटा जा चुका है। बासमती की कटाई चल रही है। किसान सौदागर मल, गार सिंह, जगदीश राज, शिव देव सिंह आदि का कहना है कि सीमा पर हालात कब खराब हो जाएं, यह कहा नहीं जा सकता। इसलिए जल्द फसल काट लेना चाहते हैं।
कंबाइन मशीनें आने से यह काम जल्द हो सकेगा। पंचायत चंगिया, तरेबा, जव्वोआल, सेई के किसानों का कहना है कि इस बार उन्हें फसल तैयार करने में तमाम मुसीबतों का सामना करना पड़ा। नहर एवं सिंचाई विभाग के ढुलमुल रवैये ने भी हतोत्साहित किया। समय पर खाद, बीज और पानी नहीं मिला।