श्रीनगर में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की सभा में पाकिस्तानी झंडा लहराए जाने पर यहां की विभिन्न सामाजिक संगठनाें में उबाल है।
संगठनाें ने राज्य की गठबंधन सरकार से मांग की है कि रियासत का माहौल खराब करने वालों एवं पाकिस्तानी झंडे लहराने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से भी मांग की है कि ऐसे लोगों को जेलों में बंद किया जाए। बजरंग दल के विकास शर्मा, युवा नेता सुरिंद्र सिंह, आेंकार सिंह, रघुनाथ, सेवानिवृत्त कैप्टन दलीप सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार कृष्ण सिंह, सूबेदार हरनाम सिंह आदि का कहना था कि हुर्रियत नेता अनाज तो भारत का खाते हैं।
सुख सुविधा भारत सरकार की हासिल कर रहे हैं, सरकार की ओर से करोड़ो रुपये उनकी सुरक्षा पर खर्च किए जा रहे हैं। जबकि वह लोग गुणगान पाकिस्तान का कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर पीएसए लगा कर जेलों में बंद किया जाना चाहिए।
उनका कहना था कि जब भी पवित्र अमरनाथ की यात्रा शुरू होने को होती है तो हुर्रियत नेता पाकिस्तान के नारे लगाना शुरू कर देते हैं। वह अमरनाथ यात्रा पर सवाल उठाना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि पाक समर्थित हुर्रियत नेताओं की हरकतों को सहन नहीं किया जाएगा।
इसके लिए कहीं दोबारा बम-बम भोले जैसा अंादोलन ना शुरू करना पड़ जाए। उन्हाेंने सभी हिंदू संगठनों से आह्वान किया है कि यदि हुर्रियत नेता अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ जम्मू संभाग में जन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
उनका कहना था कि इसके लिए वह सभी संगठनों से बैैठक कर अगली रणनीति पर विचार करेंगे। इस के लिए वह युवाओं को भी शामिल करेंगे। उन्होंने केन्द्र व राज्य की गठबंधन सरकार से मांग की है कि यदि ऐसे लोगाें पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वह चुप नहीं बैठेंगे।
वहीं उन्होंने हुर्रियत नेताओं को भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में पाकिस्तानी झंडे लहराये गए तो वह उन्हें जम्मू में घुसने नहीं देंगे।