जम्मू। बालटाल में हुई हिंसा विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का शनिवार को जम्मू का असर मिला-जुला रहा। शहर में दुकानें आधी-अधूरी खुली रहीं। सड़कों पर हालांकि मेटाडोर की संख्या कम रही। बंद के बावजूद लोग बाजारों की ओर निकले फिर भी वह फोन पर स्थिति की जानकारी लेते रहे।
जम्मू संभाग के कठुआ और सांबा जिले में बंद का असर जरूर देखने को मिला। दोनों जिलों में विहिप और बजरंग दल के सदस्यों ने बंद कराकर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई। साधु समाज के लोगों ने भी बालटाल घटना के विरोध में शहर में रैली निकाली। सरकार तथा स्थानीय प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाने की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद और यात्री न्यास के पदाधिकारियों ने बालटाल में हुई हिंसा की कड़ी आलोचना की तथा भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए सरकार, पुलिस प्रशासन को यात्रियों को पूर्ण विश्वास दिलाने की बात कही है। जम्मू शहर में जब लोगों को पता चला कि बंद का असर कम है तो वह घरों से बाजार की ओर निकले। सरकारी दफ्तर खुले थे। लोगों ने फोन पर बंद की सूचनाएं लेने के बाद दुकानें खोलीं। सुबह करीब साढ़े नौ बजे रिहाड़ी चुंगी पर बजरंग दल ने रैली निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। रिहाड़ी स्थित विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय के पास पुलिस की जिप्सी खड़ी कर दी गई। सीआईडी वाले भी वहां पर लगा दिए गए।