जम्मू। दीवाली पर शहर के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों की इमरजेंसी में अतिरिक्त स्टाफ तैनात रहेगा। जीएमसी के वर्न वार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण यूनिटों में विशेष इंतजाम रहेंगे। आगजनी की घटनाओं के मद्देनजर चिकित्सा कर्मियों की दीवाली पर छुट्टी रद की गई है। दीवाली पर होने वाली आतिशबाजी के बाद सीडी अस्पतालों में छाती संबंधी रोगों से पीड़ित होकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में भी यकायक वृद्धि होगी।
दीवाली पर शहर के अस्पतालों में खास इंतजाम किए गए हैं। इसमें इमरजेंसी यूनिट को मजबूत बनाया गया है। खासकर जलने की घटनाओं में प्रयोग में आनी वाली चिकित्सा सामग्री का अतिरिक्त कोटा इमरजेंसी में रखा जाएगा। जीएमसी में इमरजेंसी के अलावा डिजास्टर और बर्न वार्ड में अतिरिक्त इंतजाम रहेेंगे। दीवाली पर अमूूमन दर्जनों लोग आतिशबाजी या अन्य कारणों से जलकर जीएमसी में पहुंचते हैं। जिसे देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसी तरह हेल्थ के अस्पतालों में सरवाल और गांधीनगर अस्पताल में भी इमरजेंसी यूनिट में खास इंतजाम रहेंगे। गांधीनगर अस्पताल के अधीक्षक डा. रोमेश गुप्ता के अनुसार दीवाली के मद्देनजर इमरजेंसी यूनिट को अलर्ट पर रखा गया है। दीवाली पर इमरजेंसी में डाक्टरों सहित पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध रहेगा। वहीं, सीडी अस्पताल के अधीक्षक डा. रोबिंद्र रतनपाल के अनुसार आतिशबाजी से कार्बन डाइआक्साइड, फासफोरस, कार्बन मोनोआक्साइड सहित अन्य केमिकल हवा में फैलकर लोगों की सेहत बिगाड़ेंगे। इससे ब्रोंकाइटिस (खांसी), एलर्जी रिनटिक (नाक संबंधी एलर्जी), क्रानिक अबस्ट्रटिव (हवा संबंधी रोग) की शिकायत रहेगी। इस वातावरण का बच्चों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ेगा, लेकिन जागरूकता से ऐसे रोगों से बचा जा सकता है।