जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अभी भी कुछ राष्ट्रीय नेता प्रदेश को भेदभाव के नजरिए से देखते हैं। यह सोच भारत और जम्मू-कश्मीर दोनों के लिए हितकर नहीं है।
उमर ने कहा कि इसी दोहरी मानसिकता की वजह से जम्मू-कश्मीर के बाशिंदे खुद को बाकी भारत के लोगों से अलग समझते हैं। ऐसे लोगों की सोच में बदलाव लाने की जरूरत है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में राष्ट्रध्वज फहराने के बाद अब्दुल्ला ने कहा कि एक ही घटना को कुछ राष्ट्रीय नेता अलग दृष्टिकोण से देखते हैं और जम्मू-कश्मीर में उसे अलग नजरिए से देखते हैं।
सीएम ने कहा कि उनसे एक बार पूछा गया था कि क्यों राज्य के लोग मुल्क के बाकी लोगों से अलग हैं? क्यों वे मुख्यधारा में नहीं नजर आते? जब ऐसे सवाल पूछे जाते हैं तो हमारे पास कोई जवाब नहीं होता।
हालिया किश्तवाड़ दंगे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ नेता प्रदेश के लोगों की भावनाओं को भड़का रहे हैं। ऐसे लोग अपने मकसद में कभी कामयाब नहीं होंगे।