जम्मू कश्मीर सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि राज्य के किश्तवाड़ में हिंसा की स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए तत्काल कदम उठाए गए थे।
राज्य के प्रमुख सचिव ने न्यायालय में आज एक हलफनामा दायर करके कहा कि हिंसा की स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए तत्काल सेना एवं अर्द्धसैन्य बल के जवानों को तैनात किया गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए गए थे।
प्रमुख सचिव ने न्यायालय को इस बात से भी अवगत कराया कि हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख रूपए, घायलों को दो लाख रूपए और हिंसा के दौरान जिनकी समपत्ति को नुकसान पहुंचा है उन्हें भी दो लाख रूपए की आर्थिक सहायता मुहैया करायी जाएगी।
न्यायालय पैंयर्स पार्टी के प्रमुख भीम सिंह द्वारा इस संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई 26 अगस्त को करेगा।