उधमपुर। अचार और जैम बनाने की इकाई शुरू कर डबरैह गांव की निशा देवी न सिर्फ आत्मनिर्भर हुई हैं बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी अचार व जैम बनाने का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के काबिल बना रहीं हैं।
निशा भी अन्य युवाओं की तरह सरकारी नौकरी की तलाश में थी लेकिन बाद में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से फास्ट फूड और अचार व जैम बनाने का प्रशिक्षण लिया। स्वरोजगार शुरू करने के बाद दूसरों को रोजगार देने के काबिल बनीं।
इंटरमीडिएट उत्तीर्ण निशा देवी ने बताया कि विवाह के बाद कुछ वर्ष तक घरेलू कार्यों में व्यस्त रहीं लेकिन बढ़ती महंगाई और पारिवारिक आर्थिक उतार-चढ़ाव ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। ढाई वर्ष पूर्व प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद स्वयं की इकाई स्थापित करने का फैसला लिया।
वर्तमान में उनकी इकाई से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आय हो रही है। निशा देवी का कहना है कि आज के समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। यदि महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर छोटे स्तर पर भी कार्य शुरू करें तो वे परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
निशा देवी ने अपनी इकाई में अन्य महिलाओं को भी शामिल किया है। वे उन्हें अचार और जैम बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिससे उन्हें रोजगार का अवसर मिल रहा है। भविष्य में वह अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रही हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। निशा देवी की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।