जिला विकास आयुक्त ने वीरवार को अपने चैंबर में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के लिए एक अहम बैठक बुलाई। इस दौरान खुलासा हुआ कि पिछले वित्तीय वर्ष में एसएसए पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीसीसी ने तुरंत जिले के सभी छह जानों के जेडईओ, सभी जूनियर इंजीनियर और एक असिस्टेंट इंजीनियर का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए।
सभी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। इन अधिकारियों के अलावा मुख्य शिक्षा अधिकारी मोहम्मद शरीफ चौहान को भी पांच दिन के भीतर अपनी लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बैठक में डीसी इन सभी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। और कहा कि एसएसए के फंड में 328 लाख 92 हजार रुपये थे। लेकिन इनमें से एक रुपया भी खर्च नहीं करना सभी की गंभीर लापरवाही है।
इससे शिक्षा पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान डीसी ने जिले में सर्व शिक्षा अभियान के तहत चल रही सभी 58 कार्यों की समीक्षा की। अंत में उन्होंने जिले के रामबन, बनिहाल, उखराल, गूल, बटोत और खारी के एसएसए के जूनियर इंजीनियर के अलावा सहायक इंजीनियर रामबन के वेतन को रोकने के निर्देश जारी कर दिए।
हेडमास्टर को सस्पेंड किया
खरी शिक्षा जोन के अंतर्गत पड़ने वाले बजनारी अपर प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर को डीसी ने सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई स्कूली इमारत के निर्माण कार्य की शून्य फीसदी प्रगति होने के कारण किया गया। साथ ही पांच दिन के अंदर कारण बताने के निर्देश दिए गए।