पढ़ाने का तरीका रोचक बनाने को दिया प्रशिक्षण
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जिले के विंटर जोन में 10वीं और 12वीं खराब परीक्षा के परिणाम वाले सरकारी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया है। इन स्कूलों के शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूलों के शिक्षकों की पूरी सूची शिक्षा मंत्री को भी भेजी जा रही है।
दो वर्ष से सरकार की तरफ से सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम और अन्य योजनाओं के जरिये आधुनिक सुविधाएं देकर गुणवत्ता भरी शिक्षा प्रदान करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन उधमपुर जिले में विंटर जोन स्कूलों के दूर दराज ग्रामीण इलाकों में 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम ने दावों की पूरी तरह से पोल खोल कर रख दी है।
ग्रामीण इलाकों में बोर्ड का परीक्षा परिणाम बहुत ही निराशा जनक रहा है। रोष प्रदर्शन भी किया गया था। चार सरकारी स्कूल तो ऐसे निकले हैं, जिनका परीक्षा जीरो प्रतिशत सामने आया है और इसने शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
शिक्षा मंत्री ने इसको बहुत ही गंभीरता से लिया है। प्रिंसिपल और हेडमास्टर से कम परीक्षा परिणाम आने का कारण पूछा जा रहा है। इसके अलावा कम परीक्षा परिणाम वाले सभी स्कूलों के प्रिंसिपल व हेडमास्टर सहित शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।