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कब बनेगा इंटरनेशनल योग केंद्र

Fri, 29 Apr 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चिनैनी
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मानतलाई में निर्माणाधीन पांच सितारा होटल। - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योग गुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी का सपना पता नहीं कब पूरा होगा। मानतलाई को मिनी सिंगापुर बनाने का सपना पूरा करना तो दूर यहां अदद विकास कार्य शुरू तक नहीं हो पा रहा है। पिछले दिनों सरकार ने यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का योगा केंद्र खोलने की घोषणा की थी, उस पर भी कोई काम आगे नहीं बढ़ता दिख रहा है।
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इससे यहां के लोगों में रोष बढ़ रहा है। स्थानीय सरपंच बलविंद्र सिंह ने कहा कि मानतलाई का विकास ठप है। मानतलाई में इंटरनेशनल योगा केंद्र खोले जाने की सरकार ने घोषणा तो कर चुकी है, लेकिन अभी तक वहां इस दिशा में कोई काम शुरू नहीं हुआ है। कई बार इसके विकास के आश्वासन भी मिले।

लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि मानतलाई के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। बलविंदर ने कहा कि स्वामी धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने जिस तरह से यहां का विकास कार्य शुरू किया था, यदि उसी तर्ज पर आज काम को आगे बढ़ा दिया जाए तो सचमुच मानतलाई मिनी सिंगापुर बन सकता है। स्वामी के निधन के बाद मानतलाई में वीरानी छाई है।
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वहां पड़ी गाड़ियों को जंग लग चुका है। इमारतों पर धूल-मिट्टी की मोटी पड़त जम चुकी है, जबकि कमरों के अंदर छोटे-छोटे पौधे उग रहे हैं। मानतलाई के प्रवेश द्वार पर पहुंच कर लोग स्वामी धीरेंद्र ब्रह्मचारी को याद करते हैं और सरकार को कोसते हैं। हालांकि मानतलाई से अपर्णा आश्रम तक सड़क की हालत को सुधारा गया है, लेकिन हवाई पट्टी पर घास जम रही है।
सेब के बाग खत्म हो रहे हैं। मानतलाई में पहुंचते ही लाखों की मशीनों को जंग खा रहा है।

स्वामी धीरेंद्र ब्रह्मचारी द्वारा बनवाए जा रहे स्वीमिंग पुल और पांच सितारा होटल का काम पूरा नहीं हो सका है। लोगों ने कहा कि ानतलाई के चिड़िया घर में केवल हिरण है। यदि और जानवर भी यहां रखें जाए तो लोगों का यहां आवागमन बढे़गा। बता दें कि करीब 22 साल पहले स्वामी धीरेंद्र ब्रह्मचारी की हेलीकाप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसके बाद मानतलाई के विकास पर लगा ग्रहण छट नहीं रहा है।

भगवान शिव की बारात इस स्थल पर आई थी
बताया जाता है कि मानतलाई का नाम उस तलाई से पड़ा था, जहां पर भगवान शिव और माता पार्वती ने सात फेरे लिए थे। मानतलाई में जहां पर तलाई है, वहां पर कुंड था। भगवान शिव और माता पार्वती के फेरे के बाद कुंड तलाई में तब्दील हो गया। मान्यता है इस कुंड में स्नान करने से पापों का नाश होता है।

इस स्थल पर भगवान शिव की बारात राजा हिमाचल के घर से आई थी। तलाई के निकट भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है, जहां पर भगवान शिव और माता पार्वती की वह आपशंभू मूर्ति है, जिसमें इनके विवाह के रूप हैं। बताया जाता है कि मानतलाई में वह मिट्टी के बर्तन भी दिखाई देते हैं जो शादी के दौरान बारातियों ने खाने के दौरान इस्तेमाल किया था।


मानतलाई में जल्द पत्नीटाप से गंडोला लगाया जाएगा, जिसको लेकर जल्द काम शुरू होगा। मानतलाई से बैणी संगम तक रोड बनाई जाएगी, जिससे पंच तीर्थ स्थान जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल योगा केंद्र भी जल्द खुल जाएगा।
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-दीनानाथ भगत, विधायक
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