कटड़ा। नताली गांव के रहने वाले तीरंदाज राकेश कुमार के अर्जुन अवार्डी बनने से गांव में खुशी की लहर है। हर कोई इस उपलब्धि पर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। छोटे भाई दीपक वजाल ने कहा कि राकेश शनिवार रात घर पहुंचेंगे।
39 वर्षीय राकेश कुमार कटड़ा तहसील के पंचायत कुन्न दरोड़िया के नताली गांव के रहने वाले हैं। वह अपनी कड़ी मेहनत और हौसले से इस मुकाम पर पहुंचे हैं। विश्व रैंकिंग में नंबर वन पैरालिंपियन हैं। वह हर दिन आठ से दस घंटे अभ्यास करते हैं। अर्जुन अवार्ड मिलने के बाद पूरे गांव में खुशी की लहर है। राकेश कुमार मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। उनके संघर्ष की कहानी हर किसी को प्रेरित करने वाली है। जिन परिस्थितियों में उन्होंने हौसले की उड़ान भरी, वह काबिल-ए-तारीफ है। उनका यह सफर आज भी जारी है।
राकेश कुमार वर्ष 2009 में जम्मू से कटड़ा आ रहे थे। इस दौरान सड़क हादसे में स्पाइनल कार्ड इंजरी हुई। इस कारण राकेश के कमर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद वह व्हील चेयर पर आ गए। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इसके बाद घर के पास ही एक छोटी से मोबाइल रिचार्ज की दुकान की। इस दौरान उनकी मुलाकात किसी तरह श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के स्पोर्ट्स स्टेडियम के तीरंदाजी स्पर्धा के कोच कुलदीप वेदवान से हुई। वर्ष 2017 में उन्होंने राकेश को तीरंदाजी के लिए प्रेरित किया। इसके बाद श्राइन बोर्ड के स्पोर्ट्स कांप्लैक्स में आना शुरू किया। फिर तीरंदाजी के लिए कठिन अभ्यास का क्रम शुरू हुआ। इन सात वर्ष में राकेश ने कई अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते। अपने परिवार व श्राइन बोर्ड का नाम रोशन किया। वर्ष 2024 में दिसंबर माह में मुंबई के भव्य समारोह में पैरालिंपिक खिलाड़ी राकेश कुमार को मोस्ट प्लेयर आफ द ईयर चुना गया।