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जलशक्ति विभाग में स्टाफ की कमी से जिले में बढ़ रहा पानी का संकट

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उधमपुर। जिला उधमपुर के जलशक्ति विभाग के पास 50 प्रतिशत से भी कम स्टाफ मौजूद है, जिसके कारण पानी की सप्लाई सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार की तरफ से हर साल जिले में नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं, लेकिन इनमें नए कर्मियों की नियुक्ति की बजाए पुराने स्टाफ पर ही बोझ डाला जा रहा है। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के कारण समस्या दोगुनी हो गई है।
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जिले में जनसंख्या की वृद्धि के साथ ही पानी की जरूरत भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। विभाग की तरफ से शहर व ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को पानी की सप्लाई पहुंचाने की जिम्मेदारी विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सौंपी गई है, जिनको लाइनमैन के नाम से भी संबोधित किया जाता है। जिले की करीब छह लाख की आबादी को पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए उधमपुर में करीब तीन हजार कर्मियों की जरूरत है, लेकिन विभाग के पास केवल 1364 कर्मी ही मौजूद हैं। इनमें 569 स्थायी और 795 अस्थायी हैं। विभाग के सिविल डिवीजन में विभाग के पास 444 स्थायी, 472 सीपी वर्कर, 139 आईटीआई और 116 एलडी वर्कर हैं। मेकेनिकल डिवीजन में 125 स्थायी कर्मी तैनात हैं। इसके साथ तीन पीडीएल, 86 सीपी वर्कर्स और 69 आईटीआई वर्कर मौजूद हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण जिले के विभिन्न फिल्ट्रेशन प्लांट पर लगाई गई मोटर की मरम्मत का कार्य सहित फिल्ट्रेशन प्लांट में पंपिंग व फिल्टर का काम भी प्रभावित हो रहा है। इसी कारण लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है।
दो साल में 159 कर्मी हो चुके हैं सेवानिवृत्त
विभाग में नए कर्मचारियों की कई वर्षों से नियुक्ति नहीं हुई है। दिन प्रतिदिन सेवानिवृत कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। दो साल में जिले में कुल 159 कर्मी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हर माह दो से पांच कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। दो वर्ष में सिविल डिविजन में 99 और मेकेनिकल विंग में 60 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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पुराने कर्मचारियों पर बढ़ता जा रहा बोझ
सरकार की तरफ से हर वर्ष नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाते हैं। कहीं पर नया फिल्ट्रेशन प्लांट बन रहा है तो कहीं पंपिंग रूम बन रहा है। इनमें नए कर्मचारियों को नियुक्त करने के बजाए पुराने कर्मचारियों को ही नियुक्त किया जाता है। इससे काम कर रहे कर्मचारियों पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। जलशक्ति इंप्लाइज एसोसिएशन के सदस्य सोमनाथ ने कहा कि कई बार प्रदर्शन कर समस्या को उठा चुके हैं। लेकिन आजतक स्थिति जस के तस है। यही नहीं सरकार की तरफ से हर वर्ष जिले के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों के लिए नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं, लेकिन आज तक भर्ती नहीं की गई है। जबकि काम कर रहे कर्मचारियों पर ही बोझ को बढ़ाया जा रहा है।
नए कर्मियों की नियुक्ति व जलशक्ति विभाग की व्यवस्था को संभालने का काम सरकार ने डायरेक्टर लोकल बाडी और पंचातय स्तर के प्रतिनिधियों व अधिकारियों को सौंपा है। अब किस तरह से काम करना है और कितने कर्मियों को नियुक्त करना है यह विभाग के अधिकारियों के हाथ नहीं रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है विभाग के पास स्टाफ का टोटा है, जिससे पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
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- मोहम्मद ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग
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